बिहार के सीवान में एक युवक की प्रताड़ना और पिटाई से नाराज छात्रा ने आत्महत्या कर ली। वहीं पटना में भी दो छात्राओं की मौत से हड़कंप मचा हुआ है। पढ़ें बिहार में बिगड़ती सुरक्षा व्यवस्था पर पूरी रिपोर्ट।

Siwan Student Suicide Case: सीवान जिले के जीरादेई थाना क्षेत्र के मुकुंदपुर गांव में गुरुवार, 12 फरवरी को एक दिल दहला देने वाली घटना घटी। 28 वर्षीया छात्रा अंशु कुमारी गांव में आयोजित एक मटकोर कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थी। मृतका के पिता मदन साह के अनुसार, गांव का ही एक युवक उनकी बेटी का पीछा करने लगा। जब अंशु ने वहां से भागने की कोशिश की, तो युवक ने उसे पकड़कर उसकी पिटाई कर दी।

इस अपमान और शारीरिक पीड़ा से आहत होकर अंशु ने घर लौटकर फंदे से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। अंशु ने अभी तीन दिन पहले ही इंटर की परीक्षा दी थी और वह अपने आगे के भविष्य को लेकर उत्साहित थी।

आरोपी की तलाश जारी
जीरादेई थानाध्यक्ष राहुल कुमार तिवारी ने बताया कि पुलिस को युवती की आत्महत्या की सूचना मिली है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। परिजनों ने आरोपी युवक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है। गांव में इस घटना के बाद से तनाव और शोक का माहौल है।

पटना में भी दो छात्राओं की संदिग्ध मौत से हड़कंप
बिहार की राजधानी पटना में भी गुरुवार को एक बड़ी घटना हुई। फुलवारी शरीफ के हरिनगर स्थित एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 16 साल की एक छात्रा की मौत हो गई। छात्रा वहां संचालित एक कोचिंग में पढ़ाई करने गई थी। परिजनों का आरोप है कि उसकी हत्या कर उसे बालकनी से नीचे फेंका गया है। सीसीटीवी फुटेज में छात्रा के पीछे जाते दो संदिग्ध युवकों सहित चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। फॉरेंसिक टीम इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।

नीट छात्रा मामले में अब सीबीआई की एंट्री
बिहार में छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा तब और गरमा गया जब पटना में ही रह रही जहानाबाद की एक नीट (NEET) छात्रा की मौत के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए। पहले पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दरिंदगी की आशंका जताई गई। आरोपी के अब तक फरार होने और मामले की पेचीदगी को देखते हुए अब इसकी जांच सीबीआई (CBI) ने संभाल ली है। एक के बाद एक छात्राओं की मौत की इन घटनाओं ने प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं।