Sheohar News: बिहार के शिवहर जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां तरियानी थाना क्षेत्र के महादेवा गांव के पास बागमती नदी में शुक्रवार सुबह एक बड़ा नाव हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, करीब 25 महिलाएं नाव पर सवार होकर गेहूं की कटनी के लिए नदी के उस पार सरेह (खेतों) की ओर जा रही थीं। सुबह करीब सवा दस बजे जैसे ही नाव नदी की बीच धार में पहुंची, अचानक असंतुलित होकर पलट गई। नाव पलटते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई और महिलाओं की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा।
24 महिलाओं को सुरक्षित निकाला गया, एक की मौत
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय नाविकों और ग्रामीणों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए नदी में छलांग लगा दी। कड़ी मशक्कत के बाद 24 महिलाओं को पानी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, खुरपट्टी गांव की रहने वाली 30 वर्षीय गुलशन खातून (पति- इशा मोहम्मद) तेज बहाव में बह गईं।
प्रशासन और स्थानीय गोताखोरों की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और करीब पांच घंटे की सघन तलाश के बाद महिला का शव नदी से बरामद किया गया। घटना के बाद से मृतक के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर ग्रामीण
इस हादसे ने एक बार फिर इलाके में बुनियादी ढांचे की कमी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बागमती नदी पर पुल नहीं होने के कारण मोतनाजे, महादेवा और जगदीशपुर कोठियां जैसे कई गांवों के लोग वर्षों से नाव के सहारे ही आवागमन करने को मजबूर हैं। इन गांवों के लोगों की खेती नदी के दूसरे किनारे पर सीतामढ़ी जिले के बेलसंड क्षेत्र में पड़ती है। खासकर महिलाएं रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करती हैं ताकि वे खेतों में काम कर सकें।
प्रशासनिक टीम ने संभाली कमान
हादसे की सूचना मिलते ही एसडीओ अविनाश कुणाल सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारी और एनडीआरएफ (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और पीड़ित परिवारों को सांत्वना दी। एसडीओ ने बताया कि राहत और बचाव कार्य समय रहते शुरू कर दिया गया था, जिससे बड़ी जनहानि को टाला जा सका। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।










