Bihar Cabinet Expansion 2026: बिहार में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही अब सबकी निगाहें नई कैबिनेट के विस्तार पर टिकी हैं। सूत्रों के हवाले से NDA गठबंधन के भीतर मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे का फॉर्मूला सामने आ गया है। इस नए समीकरण में सत्ता की साझेदारी को इस तरह संतुलित किया गया है जिससे सभी सहयोगियों को तवज्जो मिले। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुद कमान संभालते हुए अपने पास सबसे अधिक विभाग रखे हैं।
कैबिनेट का फॉर्मूला
नई सरकार में मंत्रियों की संभावित संख्या तय हो गई है, जिससे यह साफ होता है कि गठबंधन में किसका कद कितना रहने वाला है:
- BJP: मुख्यमंत्री समेत कुल 15 मंत्री।
- JDU: 2 डिप्टी सीएम समेत कुल 17 मंत्री।
- LJP (रामविलास): 2 मंत्री पद।
- HAM (मांझी): 1 मंत्री पद।
- RLM (उपेंद्र कुशवाहा): 1 मंत्री पद।
पोर्टफोलियो का बंटवारा
शासन को मजबूती देने के लिए विभागों का वितरण भी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने पास 29 महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं, जो प्रशासन पर उनकी मजबूत पकड़ को दर्शाता है। वहीं, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को 10 विभागों की जिम्मेदारी दी गई है और दूसरे उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव 8 विभागों का कामकाज देखेंगे। यह बंटवारा दर्शाता है कि अनुभव और नई ऊर्जा के बीच तालमेल बिठाने की कोशिश की गई है।
1 मई को हो सकता है विस्तार
सूत्रों के मुताबिक, बिहार कैबिनेट का आधिकारिक विस्तार 1 मई को होने की संभावना है। हालांकि, सम्राट चौधरी के लिए यह डगर इतनी आसान नहीं होगी। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद, NDA के विभिन्न घटकों के बीच समन्वय बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। विशेष रूप से JDU के भीतर असंतोष की खबरों को शांत करना और 'मोदी-नीतीश मॉडल' को बिना किसी विवाद के धरातल पर उतारना नए मुख्यमंत्री के लिए अग्निपरीक्षा जैसा होगा।
निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
राजनीतिक गलियारों में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर भी काफी चर्चा है। पहले उनके उपमुख्यमंत्री बनने की अटकलें थीं, लेकिन उन्होंने खुद इस पद के लिए मना कर दिया। अब वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि निशांत कुमार को जल्द ही JDU के भीतर कोई महत्वपूर्ण संगठनात्मक पद दिया जा सकता है। निशांत ने हाल ही में पार्टी की सदस्यता ली है और वे अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहरा चुके हैं।