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बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 के लिए आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने हिना शहाब को उम्मीदवार बनाने की मांग की है। जानें कैसे यह लालू-तेजस्वी का ओवैसी को साधने और एनडीए में सेंधमारी का बड़ा दांव हो सकता है।

Hena Shahab Rajya Sabha: बिहार की राजनीति में राज्यसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच एक बड़ा दांव खेलने की तैयारी चल रही है। आरजेडी के कद्दावर विधायक भाई वीरेंद्र ने पूर्व सांसद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब को राज्यसभा भेजने की मांग कर सियासी गलियारे में हलचल पैदा कर दी है।

इस कदम को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी (AIMIM) के बढ़ते प्रभाव को रोकने और मुस्लिम वोट बैंक को एकजुट करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

एक तीर से कई शिकार करने की तैयारी
आरजेडी के वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने लालू यादव और तेजस्वी यादव से अपील की है कि हिना शहाब को महागठबंधन का पांचवां उम्मीदवार बनाया जाए। वीरेंद्र का तर्क है कि हिना शहाब को मैदान में उतारने से आरजेडी न केवल अपने नाराज मुस्लिम वोट बैंक को साध सकेगी, बल्कि असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के 5 विधायकों का समर्थन भी हासिल कर लेगी।

उन्होंने दावा किया कि हिना शहाब के नाम पर सत्ताधारी एनडीए के कुछ विधायक भी क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं, जिससे विपक्ष एक अतिरिक्त सीट जीतने में कामयाब हो सकता है।

वोटों का गणित और महागठबंधन की चुनौती
बिहार विधानसभा की 243 सीटों के समीकरण के हिसाब से राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का प्रथम वरीयता वाला वोट चाहिए। वर्तमान में एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जिससे उनके 4 उम्मीदवार आसानी से जीत सकते हैं।

वहीं, आरजेडी और महागठबंधन के पास केवल 35 विधायक हैं, यानी उन्हें एक सीट जीतने के लिए 6 और वोटों की जरूरत है। विपक्ष में मौजूद बसपा के 1 और एआईएमआईएम के 5 विधायकों का साथ मिलने पर ही तेजस्वी यादव का गणित फिट बैठ सकता है।

ओवैसी का दांव और महागठबंधन की दुविधा
पिछले सप्ताह एआईएमआईएम के बिहार अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने प्रस्ताव रखा था कि अगर विपक्ष एकजुट होकर उनके किसी नेता को समर्थन दे, तो वे राज्यसभा चुनाव लड़ सकते हैं। इस बीच महागठबंधन के इकलौते विधायक आईपी गुप्ता की ओवैसी के साथ बढ़ती नजदीकियों ने लालू कैंप की चिंता बढ़ा दी है।

ऐसे में हिना शहाब का नाम आगे बढ़ाकर आरजेडी ओवैसी के राजनीतिक आधार को कमजोर करने और सिवान के प्रभावी वोट बैंक को दोबारा अपने पाले में लाने की कोशिश कर रही है।

16 मार्च को होगा फैसला
निर्वाचन आयोग ने बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान की तिथि तय की है। आरजेडी के प्रेमचंद गुप्ता, एडी सिंह और जेडीयू के हरिवंश समेत 5 सांसदों का कार्यकाल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। अगर उम्मीदवारों की संख्या 5 से अधिक होती है, तभी वोटिंग की नौबत आएगी। भाई वीरेंद्र का यह बयान भले ही व्यक्तिगत बताया जा रहा हो, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे लालू-तेजस्वी की ओर से हवा का रुख भांपने की एक सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं।

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