Patna Shambhu Hostel Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली नीट छात्रा की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए रविवार को सीबीआई (CBI) की टीम एक्शन में दिखी। सीबीआई के आईजी और एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय टीम पांच गाड़ियों से सुबह करीब नौ बजे जहानाबाद के शकूराबाद थाना क्षेत्र स्थित छात्रा के गांव पहुंची। टीम ने गांव पहुंचते ही छात्रा के घर को सुरक्षा घेरे में ले लिया और मीडियाकर्मियों को घर से दूर रहने की हिदायत दी। सीबीआई की इस पहली दस्तक से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
परिजनों से अलग-अलग कमरों में पूछताछ
सीबीआई की टीम ने करीब चार घंटे तक छात्रा के घर पर डेरा जमाए रखा। जांच अधिकारियों ने घर के प्रत्येक सदस्य, जिसमें छात्रा के माता-पिता, भाई, भाभी, फुआ और दादी शामिल हैं, उनसे अलग-अलग कमरों में पूछताछ की। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई हर उस छोटे पहलू की जांच कर रही है जो छात्रा की मौत की वजह बन सकता है। टीम ने परिजनों से छात्रा के पटना प्रवास, हॉस्टल के अनुभव और उसकी मानसिक स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई।
साक्ष्य के तौर पर सामान और मोबाइल जब्त
दोपहर करीब सवा बारह बजे तक चली इस कार्रवाई के बाद सीबीआई की टीम ने कई महत्वपूर्ण चीजों को अपने कब्जे में लिया है। टीम ने छात्रा का स्कूल बैग, कपड़े, किताबें, कॉपी, पेन और यहाँ तक कि उसकी कैंची भी जब्त कर ली है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जांच एजेंसी ने छात्रा के भाई का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले लिया है, ताकि डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा सके। बताया जा रहा है कि सीबीआई से पहले एसआईटी (SIT) की टीम भी सामान लेने आई थी, लेकिन तब परिजनों ने सहयोग नहीं किया था।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 6 जनवरी को शुरू हुआ था, जब पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा बेहोशी की हालत में मिली थी। उसे पहले निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहाँ 11 जनवरी को उसकी मौत हो गई। बिहार पुलिस की एसआईटी ने करीब 10 बार जहानाबाद जाकर जांच की थी, लेकिन परिजनों ने पुलिसिया जांच पर अविश्वास जताते हुए इसे हत्या और दरिंदगी का मामला बताया था। परिजनों के विरोध और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों के बाद राज्य सरकार ने 31 जनवरी को सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। अब सीबीआई ने औपचारिक रूप से केस दर्ज कर मामले की कमान संभाल ली है।
