पटना नीट छात्रा मौत मामले में परिजनों को फिर जान से मारने की धमकी मिली है। 72 घंटे के भीतर दूसरी बार घर में धमकी भरा पर्चा फेंका गया है। वहीं सीबीआई की टीम फिर से जांच के लिए गांव पहुंची है।

NEET Student Death Case: पटना नीट छात्रा मौत मामले में परिजनों को फिर जान से मारने की धमकी मिली है। महज 72 घंटे के भीतर परिवार को दूसरी बार जान से मारने की धमकी मिली। मंगलवार, 17 फरवरी को घर के अंदर मिले ताजे पर्चे में बेहद खौफनाक चेतावनी दी गई है। पर्चे में लिखा गया है कि "अगर नहीं मानोगे तो मारे जाओगे, बेटी तो गई ही, अब बेटा भी मारा जाएगा।"

इससे पहले शनिवार को भी रसोई की खिड़की पर इसी तरह का पर्चा मिला था, जिसमें 'उठा लेने' की धमकी दी गई थी। लगातार मिल रही इन धमकियों से पूरा परिवार गहरे सदमे और डर में है।

पुलिस सुरक्षा के बावजूद घर में पहुंचा पर्चा
हैरानी की बात यह है कि घर के बाहर पुलिसकर्मियों की तैनाती होने के बावजूद कोई अज्ञात व्यक्ति अंदर पर्चा फेंकने में कामयाब रहा। पटना एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जहानाबाद पुलिस को परिजनों की सुरक्षा और पुख्ता करने के निर्देश दिए हैं।

हालांकि, स्थानीय पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा पाई है कि इन धमकियों के पीछे किसका हाथ है। थानाध्यक्ष के मुताबिक, प्रथम दृष्टया यह किसी असामाजिक तत्व की साजिश लगती है, लेकिन बार-बार मिल रही धमकियां किसी गहरी साजिश की ओर इशारा कर रही हैं।

सीबीआई की टीम फिर पहुंची छात्रा के गांव
एक तरफ परिवार को धमकियां मिल रही हैं, तो दूसरी तरफ केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने अपनी तफ्तीश तेज कर दी है। मंगलवार को सीबीआई की टीम दोबारा छात्रा के गांव पहुंची और परिजनों से बातचीत की। इससे पहले 15 फरवरी को भी टीम ने घर की तलाशी ली थी और माता-पिता व भाई से अलग-अलग पूछताछ की थी।

बताया जा रहा है कि पिछली बार टीम को छात्रा के भाई का मोबाइल फोन नहीं मिल पाया था, जिसे रिपेयरिंग के लिए दिया गया था। मंगलवार को टीम विशेष रूप से उसी मोबाइल फोन को कब्जे में लेने और तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए गांव पहुंची थी।

क्या है पूरा मामला?
जहानाबाद की रहने वाली यह छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। 6 जनवरी को वह संदिग्ध परिस्थितियों में बेहोश मिली और 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या मान रही थी, लेकिन फॉरेंसिक जांच में दरिंदगी और रेप की पुष्टि होने के बाद हड़कंप मच गया।

परिजनों के लगातार विरोध और न्याय की मांग को देखते हुए बिहार सरकार ने केस सीबीआई को सौंप दिया। फिलहाल सीबीआई इस बात की जांच कर रही है कि हॉस्टल में उस दिन असल में क्या हुआ था और इस अपराध के पीछे कौन-कौन शामिल है।