मोतिहारी जहरीली शराब कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। नोएडा से हाइड्रोलिक ऑयल के नाम पर स्पिरिट मंगाई गई थी। पुलिस ने 50 से ज्यादा संदिग्ध जार बरामद किए हैं।

Motihari Hooch Tragedy: बिहार के मोतिहारी में हुई 10 लोगों की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में पता चला है कि जहरीली शराब बनाने के लिए जिस स्पिरिट का उपयोग किया गया था, वह नोएडा से मंगाई गई थी। माफियाओं ने पुलिस को चकमा देने के लिए इसे औद्योगिक इस्तेमाल के नाम पर मंगवाया था।

तेल के जार में छिपाकर लाया गया जहर
पुलिस की छापेमारी के दौरान 26 लीटर वाले 50 से अधिक जार बरामद हुए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन जार पर ‘सुपर पावर एडब्ल्यू-68 हाइड्रोलिक ऑयल’ लिखा हुआ था, ताकि किसी को शक न हो। मद्य निषेध विभाग की जांच में साफ हुआ है कि तेल के नाम पर मौत का सामान बिहार की सीमाओं के भीतर दाखिल हुआ था।

इन आरोपियों की रही मुख्य भूमिका
इस मामले में पुलिस ने राजा कुमार नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है। राजा ने कन्हैया राय के साथ मिलकर स्पिरिट की यह खेप मंगाई थी। इसके अलावा आत्मसमर्पण करने वाले आरोपी सुनील साह की भी इसमें बड़ी भूमिका सामने आई है। पुलिस अब इनके मोबाइल डेटा (CDR) और पिछले एक साल के मूवमेंट चार्ट की बारीकी से जांच कर रही है।

औद्योगिक मेथेनॉल का अवैध उपयोग
राज्य में मेथेनॉल बनाने वाली कोई यूनिट नहीं है, इसलिए रबर और परफ्यूम बनाने वाली इकाइयां इसे दूसरे राज्यों से मंगाती हैं। माफिया इसी सप्लाई चेन में सेंध लगाकर मेथेनॉल का इस्तेमाल शराब बनाने में कर रहे हैं। मानव शरीर के लिए मेथेनॉल एक घातक जहर है, जिसके अंश अक्सर जहरीली शराब कांडों में पाए जाते हैं।

पुलिस ने जारी की नई एडवाइजरी
मोतिहारी कांड के बाद राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। अब घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों के लिए 'चेन ऑफ कस्टडी' को सख्ती से लागू किया जाएगा ताकि कोर्ट में आरोपियों को सजा दिलाई जा सके। इसके साथ ही चौकीदारों और दफादारों को सतर्क रहने और संदिग्ध जार मिलने पर तुरंत जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।