बिहार में नए मुख्यमंत्री के चयन को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि अंबेडकर जयंती पर दिल्ली से मुख्यमंत्री थोपकर लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।

Congress on Bihar New CM: बिहार में सत्ता परिवर्तन की गहमागहमी के बीच कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और नए चेहरे की तलाश के बीच कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि राज्य की जनता पर दिल्ली से मुख्यमंत्री थोपा जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह बदलाव लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और बिहार की जनता की पसंद को नजरअंदाज किया जा रहा है।

'दिल्ली से थोपा जाएगा नया चेहरा'
कांग्रेस के मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि बिहार को ऐसा मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है, जिसे जनता ने नहीं बल्कि दिल्ली के आलाकमान ने तय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए मुख्यमंत्री को हटाकर नया चेहरा लाना सीधे तौर पर जनता की इच्छा का अपमान है। राठौड़ ने दावा किया कि मुख्यमंत्री का नाम गुप्त रखना इस बात का सबूत है कि विधायकों की राय की कोई अहमियत नहीं रह गई है।

अंबेडकर जयंती और संविधान का अपमान
बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम ने इस पूरे घटनाक्रम को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती से जोड़ते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश संविधान निर्माता को नमन कर रहा है, लेकिन ठीक उसी दिन बिहार में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि जिस दिन संविधान की रक्षा का संकल्प लिया जाना चाहिए, उसी दिन संविधान की धज्जियां उड़ाकर पर्दे के पीछे से सरकार बदली जा रही है।

मोदी-शाह पर साधा सीधा निशाना
राजेश राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह सब एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि देश में व्यक्ति विशेष संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर है। कांग्रेस के मुताबिक, बिहार जैसे जागरूक प्रदेश में इस तरह का राजनीतिक प्रयोग लोकतंत्र के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण उदाहरण पेश कर रहा है।

विधायकों की राय पर खड़े किए सवाल
कांग्रेस का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री का चुनाव लोकतांत्रिक होता, तो विधायकों को नाम पता होता। लेकिन यहाँ पर्यवेक्षक लिफाफे में नाम लेकर आ रहे हैं, जो यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री का चुनाव बिहार की धरती पर नहीं बल्कि दिल्ली के दफ्तरों में हुआ है। राजेश राम ने कहा कि आज का घटनाक्रम लोकतंत्र को खोखला साबित कर रहा है और बिहार की जनता इस 'थोपे हुए' फैसले को देख रही है।