Bihar Politics: बिहार में सत्ता परिवर्तन और नए मुख्यमंत्री के चयन की अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। गुरुवार को पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग ने कहा कि एनडीए सरकार में नीतीश कुमार के सम्मान और गरिमा का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि भले ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री का पद छोड़ दें, लेकिन उनके लंबे राजनीतिक अनुभव और सार्वजनिक जीवन में दिए गए योगदान को कभी कम करके नहीं आंका जा सकता। चिराग का यह बयान ऐसे समय में आया है जब नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने की संभावना प्रबल हो गई है।
Z+ सिक्योरिटी पर चिराग का रुख
नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटने से पहले दी गई 'जेड प्लस' (Z+) सुरक्षा पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए चिराग पासवान ने इसे उनके अनुभव का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि एक मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने दशकों तक बिहार की सेवा की है, ऐसे में उन्हें मिलने वाली सुरक्षा और सुविधाएं उनके कद के अनुरूप हैं।
चिराग ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में जब भी बिहार में एनडीए की नई सरकार का गठन होगा, नीतीश कुमार को राज्य और केंद्र दोनों ही स्तरों पर उचित सम्मान मिलता रहेगा। गौरतलब है कि 30 मार्च को विधान परिषद से इस्तीफा देने के बाद नीतीश कुमार जल्द ही राज्यसभा सांसद के रूप में नई पारी शुरू करने वाले हैं।
तेजस्वी यादव पर बरसे चिराग
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति नरम रुख दिखाने के साथ ही चिराग पासवान ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला। केरल चुनाव प्रचार के दौरान तेजस्वी द्वारा बिहार को 'गरीब राज्य' बताए जाने पर चिराग ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी यादव दूसरे राज्यों में जाकर बिहार की छवि धूमिल कर रहे हैं।
चिराग ने राजद के शासनकाल की याद दिलाते हुए कहा कि जिस दौर में बिहार से डॉक्टर, उद्योगपति और पेशेवर लोग पलायन करने को मजबूर हुए थे, उस दौर की राजनीति करने वाले आज विकास पर प्रवचन दे रहे हैं।
बिहार में नई सरकार की सुगबुगाहट
बिहार की सियासत के लिए यह महीना काफी निर्णायक माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के बाद बिहार में एनडीए के नए नेतृत्व का ऐलान हो सकता है। चिराग पासवान ने तेजस्वी यादव को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपने बयानों पर शर्म आनी चाहिए, क्योंकि जनता आरजेडी के पुराने दौर को भूली नहीं है।








