बिहार के बांका पुलिस लाइन में दोपहर का खाना खाने के बाद 100 से अधिक पुलिस जवान फूड प्वाइजनिंग का शिकार होकर बीमार पड़ गए। डीएम और एसपी स्थिति का जायजा लेने अस्पताल पहुंचे।

Banka News: बिहार के बांका जिले की पुलिस लाइन में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दोपहर का भोजन करने के बाद 100 से अधिक पुलिस जवान अचानक बीमार पड़ गए। जवानों ने उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए बांका सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल में चिकित्सकों की विशेष टीम को तैनात किया गया है।

दोपहर के भोजन के बाद बिगड़ी तबीयत
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन के मेस में जवानों ने दोपहर के भोजन में फ्राई राइस और चने का छोला खाया था। खाना खाने के कुछ ही देर बाद एक-एक कर कई जवानों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते बीमार जवानों की संख्या 100 के पार पहुंच गई। पुलिस लाइन में अचानक मची इस अफरातफरी के बाद सभी को एम्बुलेंस और अन्य वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल पहुंचे डीएम और एसपी
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला और पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा तुरंत सदर अस्पताल पहुंचे और बीमार जवानों का हालचाल जाना। अधिकारियों ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया है कि जवानों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। अस्पताल परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे।

भोजन में सल्फास होने की आशंका
प्रारंभिक जांच और जवानों के बयानों के आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि चने में अनाज बचाने के लिए रखी जाने वाली सल्फास की टिकिया गलती से मिल गई थी। इसी जहरीले पदार्थ के कारण भोजन विषाक्त (Food Poisoning) हो गया। हालांकि, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाने के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारणों की पुष्टि हो पाएगी।

जांच के लिए विशेष टीम गठित
पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच करने के आदेश दिए हैं। मेस में खाना बनाने वाले रसोइयों और अनाज की आपूर्ति करने वाले ठेकेदारों से पूछताछ की जा रही है। जांच इस बिंदु पर भी केंद्रित है कि क्या यह महज एक लापरवाही थी या इसके पीछे कोई और साजिश। फिलहाल, डॉक्टरों के अनुसार अधिकतर जवानों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।