Suryakumar Yadav: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में जब भारत 77/6 पर लड़खड़ा रहा था, तब वानखेड़े स्टेडियम में सन्नाटा पसरा हुआ था। अमेरिका जैसी कमजोर टीम के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजी बिखरती दिख रही थी लेकिन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने धैर्य और समझदारी से खेलते हुए न सिर्फ पारी संभाली, बल्कि टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। उनकी 49 गेंदों में नाबाद 84 रन की पारी भारत की जीत की असली नींव बनी।
हार्दिक पांड्या के आउट होने के समय सूर्यकुमार 22 गेंदों में सिर्फ 21 रन बनाकर क्रीज पर टिके थे। टीम संकट में थी और बड़े स्कोर की उम्मीद कम लग रही थी। लेकिन सूर्यकुमार ने पहले विकेट संभाला और फिर आखिरी ओवरों में गियर बदलते हुए भारत को 20 ओवर में 161/9 तक पहुंचाया। बाद में भारत ने मुकाबला 29 रन से जीत लिया।
मैच के बाद सूर्यकुमार ने खुलासा किया कि हेड कोच गौतम गंभीर की सलाह ने उन्हें बड़ा आत्मविश्वास दिया। उन्होंने कहा, 'मुझे लगा यह 180-190 नहीं बल्कि 140 रन वाली विकेट है। ब्रेक के दौरान गौती भाई ने कहा कि बस अंत तक बल्लेबाजी करो, कभी भी मैच कवर कर सकते हो।'
मुंबई की पिच और परिस्थितियों का अनुभव भी सूर्यकुमार के काम आया। उन्होंने बताया कि मुंबई में घरेलू क्रिकेट और आईपीएल खेलने के कारण उन्हें ऐसे विकेट पर बल्लेबाजी की अच्छी समझ है। उन्होंने हर ओवर की योजना बनाई, गेंदबाजों को पढ़ा और धीरे-धीरे रन गति बढ़ाई।
यह पारी सूर्यकुमार के लिए खास इसलिए भी रही क्योंकि पिछले साल उनका फॉर्म खराब रहा था। पूरे साल 19 पारियों में उन्होंने सिर्फ 218 रन बनाए थे, औसत 13.62 रहा और एक भी अर्धशतक नहीं था। हालांकि नए साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में उन्होंने दो तेज अर्धशतक लगाकर वापसी के संकेत दिए थे।
सूर्यकुमार ने बताया कि पिछले साल के अंत में उन्होंने क्रिकेट से थोड़ा ब्रेक लिया, परिवार के साथ समय बिताया और नए साल में नई सोच के साथ मैदान पर लौटे। नागपुर में सीरीज के दौरान उन्हें अलग ही आत्मविश्वास महसूस हुआ, जिसका असर अब मैदान पर दिख रहा है।