भारत के T20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टीम के अंदर की कई दिलचस्प और भावुक कहानियां साझा की हैं। भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब जीता और इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब किसी टीम ने टी20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड किया और भारत ने यह कारनामा अपने ही घर में कर दिखाया।
अहमदाबाद में खेले गए फाइनल के बाद सूर्यकुमार यादव ने ब्रॉडकास्टर जियो हॉटस्टार से बातचीत में बताया कि इस जीत के पीछे खिलाड़ियों की कई प्रेरणादायक कहानियां छिपी हुई हैं।
सिराज को खुद फोन करके दी थी जानकारी: सूर्यकुमार
सूर्यकुमार ने बताया कि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को जब टीम में शामिल होने का कॉल आया तो उनका रिएक्शन बेहद दिलचस्प था। दरअसल सिराज शुरू में स्क्वॉड का हिस्सा नहीं थे, लेकिन हर्षित राणा के चोटिल होने के बाद उन्हें टीम में बुलाया गया।
सूर्या ने बताया, 'मैंने सिराज को टूर्नामेंट से कुछ दिन पहले फोन किया। वह अपने दोस्तों के साथ बैठे थे, कैप पहने खाना खा रहे थे। मैंने कहा कि हर्षित राणा चोटिल हो गए हैं, तुम्हें टीम में आना होगा। यह सुनते ही उनका पहला जवाब था कि क्या सूर्या भाई मजाक कर रहे हो क्या?
ईशान को वर्ल्ड कप जिताने की दी थी जिम्मेदारी
उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। चयन बैठक से ठीक पहले सूर्या ने उन्हें फोन किया और कहा, 'छोटू, क्या तुम हमें वर्ल्ड कप जिताने में मदद करोगे?' इस पर किशन ने जवाब दिया, 'सूर्या भैया, बस मुझ पर भरोसा रखिए।' कप्तान के मुताबिक किशन ने बाद में मैदान पर अपने प्रदर्शन से इस भरोसे को सही साबित किया।
टीम के एक और अहम खिलाड़ी संजू सैमसन की कहानी भी अलग रही। सैमसन टूर्नामेंट की शुरुआत में प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे, लेकिन जब मौका मिला तो उन्होंने ओपनर के रूप में खुद को साबित कर दिया। सूर्या ने बताया कि सैमसन ने उनसे सिर्फ एक बात कही थी कि आप बस बताइए कि टीम के लिए मुझे क्या करना है।
बुमराह को सूर्या ने बताया था नेशनल ट्रेजर
सूर्यकुमार यादव ने तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने बुमराह को 'नेशनल ट्रेजर' बताया। सूर्या के मुताबिक बुमराह जानते हैं कि वह दुनिया के बेहतरीन गेंदबाजों में से एक हैं, लेकिन फिर भी उनके अंदर कभी ढिलाई नहीं आती और वह हर दिन उसी अनुशासन के साथ मेहनत करते हैं।
बुरे दौर में अभिषेक और वरुण का बढ़ाया हौसला
टूर्नामेंट के दौरान युवा खिलाड़ियों अभिषेक शर्मा और वरुण चक्रवर्ती को भी मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा। अभिषेक शर्मा कुछ मैचों में रन नहीं बना पाए थे, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा। फाइनल में उन्होंने शानदार अर्धशतक जड़कर भारत को तेज शुरुआत दिलाई।
सूर्या ने बताया कि वह दोनों खिलाड़ियों से लगातार बात करते थे। उन्होंने उन्हें समझाया कि हर मैच में अच्छा प्रदर्शन होना जरूरी नहीं है। कभी-कभी फॉर्म में गिरावट भी खेल का हिस्सा होती है।
उन्होंने खिलाड़ियों को समझाते हुए कहा, 'जीवन तीर और धनुष की तरह है। जब तीर को पीछे खींचा जाता है तो इसका मतलब यह नहीं कि जिंदगी आपको पीछे धकेल रही है। इसका मतलब है कि आपको बड़ी उड़ान के लिए तैयार किया जा रहा है।'
सूर्यकुमार के मुताबिक टीम के 1 से 15 तक हर खिलाड़ी की अपनी कहानी थी और यही कहानियां मिलकर भारत की ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत की नींव बनीं।