Rajasthan Royals Deal: राजस्थान रॉयल्स 1.63 अरब डॉलर में बिककर IPL की सबसे महंगी फ्रेंचाइज़ी बनी। क़ाल सोमानी के कंसोर्टियम ने टीम खरीदी।

Rajasthan Royals Deal: इंडियन प्रीमियर लीग में एक नया इतिहास बन गया। राजस्थान रॉयल्स अब 1 अरब डॉलर से ज्यादा में बिकने वाली पहली टीम बन गई। क़ाल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने इस फ्रेंचाइज़ी को करीब 1.63 अरब डॉलर ( करीब 15290 करोड़) में खरीद लिया, जो IPL के इतिहास की अब तक की सबसे बड़ी डील मानी जा रही।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस कंसोर्टियम को अमेरिकी कारोबारी रॉब वॉल्टन और हेम्प परिवार का भी समर्थन मिला है, जिनके पास अमेरिका की नेशनल फुटबॉल लीग टीम डेट्रॉइट लायंस की हिस्सेदारी है। इस डील ने आईपीएल टीमों की वैल्यूएशन को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है।

15 हजार करोड़ में बिकी राजस्थान रॉयल्स
इससे पहले, संजीव गोयनका की आरपीएसजी ग्रुप ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 940 मिलियन डॉलर में खरीदा था जबकि टॉरेंट ग्रुप ने गुजरात टाइटंस में 67 प्रतिशत हिस्सेदारी 575 मिलियन डॉलर में ली थी। इन डील्स के मुकाबले राजस्थान रॉयल्स की बिक्री कहीं ज्यादा बड़ी साबित हुई।

आईपीएल 2026 खत्म होने के बाद टेकओवर पूरा होगा
पिछले 6 महीनों से टीम के मौजूदा मालिक इसे बेचने के लिए बातचीत कर रहे थे। अब डील साइन हो चुकी है और IPL 2026 सीजन खत्म होने के बाद पूरी तरह से टेकओवर की प्रक्रिया पूरी होगी। तब तक मौजूदा प्रबंधन ही टीम को संभालेगा।

काल सोमानी की पहले से ही राजस्थान टीम में थी हिस्सेदारी
क़ाल सोमानी, जो अमेरिका में बसे एक सफल उद्यमी हैं, पहले से ही राजस्थान रॉयल्स में अल्प हिस्सेदारी रखते थे। उन्होंने शिक्षा तकनीक, डेटा प्राइवेसी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में कई बड़ी कंपनियां खड़ी की हैं। वह इंट्राऐज, ट्रूयो और एकेडेमियन जैसी कंपनियों के संस्थापक हैं और खेल निवेश के क्षेत्र में भी सक्रिय हैं।

2008 में राजस्थान 67 मिलियन डॉलर में खरीदी गई थी

राजस्थान रॉयल्स की शुरुआत IPL के पहले सीजन 2008 में हुई थी। उस समय इमर्जिंग मीडिया वेंचर्स ने इसे सिर्फ 67 मिलियन डॉलर में खरीदा था, जो उस वक्त सबसे सस्ती फ्रेंचाइज़ी थी लेकिन आज यही टीम 1.63 अरब डॉलर में बिककर IPL की बढ़ती ताकत और लोकप्रियता को दिखा रही।

इस बीच, रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर की बिक्री भी चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, RCB की कीमत 2 अरब डॉलर से भी ज्यादा जा सकती है, जो IPL के बिजनेस मॉडल की तेजी से बढ़ती वैल्यू को दर्शाता है।

इस डील से साफ है कि IPL अब सिर्फ एक क्रिकेट लीग नहीं, बल्कि एक ग्लोबल बिजनेस ब्रांड बन चुका है। आने वाले समय में फ्रेंचाइज़ी की कीमत और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।