बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के भविष्य पर फैसला लेने से पहले आईसीसी से चर्चा होगी। बीसीबी चुनाव में गड़बड़ी के आरोपों की जांच जारी। टी20 वर्ल्ड कप में न जाने के फैसले पर भी बनेगी अलग कमेटी।

BCB ICC Controversy: बांग्लादेश क्रिकेट में इन दिनों बड़ा उथल-पुथल चल रहा है। अब खेल मंत्री अमीनुल हक ने साफ कर दिया कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के भविष्य पर कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले वो आईसीसी से बातचीत करेंगे।  मामला सिर्फ बोर्ड के कामकाज तक सीमित नहीं है,बल्कि पिछले साल हुए बीसीबी चुनावों में गड़बड़ी, हेरफेर और सत्ता के दुरुपयोग के आरोप भी इसमें शामिल हैं।

11 मार्च को खेल मंत्रालय ने इन आरोपों की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई थी। इस कदम पर बीसीबी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और इसे सरकार का सीधा दखल बताया।

आईसीसी से बात करेगा बीसीबी
खेल मंत्री अमीनुल हक का कहना है कि जैसे ही जांच समिति अपनी रिपोर्ट देगी, वह ICC से बात करेंगे और उसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा, 'पिछली सरकार के समय बीसीबी चुनाव में सीधे दखल की बात सब जानते हैं। हमें क्लब और जिलों से शिकायतें मिली थीं, इसलिए जांच जरूरी है।'

जांच समिति की रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
जांच समिति को 15 वर्किंग डे के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है। इस दौरान कमेटी बीसीबी के चुनाव आयुक्त, मौजूदा अध्यक्ष, बोर्ड डायरेक्टर्स और CEO से बातचीत करेगी। साथ ही उन जिला प्रशासन अधिकारियों से भी पूछताछ होगी, जिन्होंने चुनाव से पहले काउंसलर के नाम बदले थे।

दरअसल, आरोप है कि कुछ जिला अधिकारियों ने पहले एक नाम भेजा और बाद में पत्र मिलने के बाद दूसरा नाम भेज दिया। इसे चुनाव में इंजीनियरिंग का हिस्सा बताया जा रहा है।

इस पूरे विवाद में तमीम इकबाल का नाम भी सामने आया था। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और आखिरी समय में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी। तमीम का आरोप था कि नामांकन की तारीख दो बार बढ़ाई गई,जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।

वहीं, बीसीबी अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम पर भी चुनाव से पहले ही दखल देने के आरोप लगे थे। हालांकि उन्होंने इन आरोपों को खारिज किया था।इधर, एक और बड़ा मुद्दा है कि बांग्लादेश का इस साल टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा न लेना। भारत और श्रीलंका में खेले गए इस टूर्नामेंट से बांग्लादेश ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दूरी बना ली थी। तीन हफ्ते की बातचीत के बाद ICC ने उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया था। 

अब इस फैसले की भी जांच होगी। खेल मंत्री ने कहा कि ईद के बाद एक अलग कमेटी बनाई जाएगी, जो यह पता लगाएगी कि आखिर बांग्लादेश वर्ल्ड कप में क्यों नहीं गया और स्पोर्ट्स डिप्लोमेसी कहां कमजोर पड़ी।

उन्होंने साफ कहा,'हमें समझना होगा कि हम वर्ल्ड कप में क्यों नहीं गए। भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए हमारी खेल कूटनीति को मजबूत करना जरूरी है।'

कुल मिलाकर, बांग्लादेश क्रिकेट इस समय दोहरी चुनौती से जूझ रहा है- एक ओर बोर्ड की विश्वसनीयता, दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छवि। अब सबकी नजर आईसीसी के रुख और जांच रिपोर्ट पर टिकी है।