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कोरोना वायरस के खिलाफ कम से कम 60 प्रतिशत असरदार होगी स्वदेशी कोवैक्सिन

भारत बायोटेक का कहना है उसके शोधकर्ताओं की ओर से बनाई जा रही भारत की पहली स्‍वदेशी कोरोना वैक्‍सीन कम से कम 60 प्रतिशत प्रभावी तो होगी।

कोरोना वायरस के खिलाफ कम से कम 60 प्रतिशत असरदार होगी स्वदेशी कोवैक्सिन
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कोवैक्सिन

देश-दुनिया में कोरोना वायरस कहर ढा रहा है। इस खतरनाक वायरस के खात्मे के लिए वैक्‍सीन को विकसित करने का काम युद्धस्‍तर पर चल रहा है। इसी बीच भारतीय कंपनी ने आज वैक्सीन को लेकर बाद बयान दिया है। भारत बायोटेक का कहना है उसके शोधकर्ताओं की ओर से बनाई जा रही भारत की पहली स्‍वदेशी कोरोना वैक्‍सीन कम से कम 60 प्रतिशत प्रभावी तो होगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में बनाई जा रही स्‍वदेशी वैक्‍सीन का नाम कोवैक्सिन है।

भारत बायोटेक में क्‍वालिटी ऑपरेशंस के प्रमुख साई डी प्रसाद का कहना है कि डब्ल्यूएचओ, यूनाइटेड स्टेट्स फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (यूएसएफडीए) और भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) ने श्वसन रोग ( रेस्‍पिरेटरी डिसीज) के टीके को मंजूरी दे दी है, जब वो कम से कम 50 प्रतिशत प्रभावी थी। कंपनी ने कहा है कि उसने कोरोना वैक्‍सीन का 60 प्रतिशत प्रभावीकरण का लक्ष्य रखा है। यह अनुमान से ज्यादा भी हो सकता है। जैसा कि उनके परीक्षण में पता चला है कि वैक्सीन के 50 प्रतिशत से कम प्रभावी रहने की संभावना काफी कम है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि कोविड-19 की पहली स्वदेशी वैक्सीन बना रही भारत बायोटेक ने नवंबर महीने की शुरुआत में तीसरे चरण के परीक्षण की शुरुआत की थी। भारत में 25 सेंटर पर 26,000 वॉलंटियर्स को इसमें शामिल कर वैक्‍सीन का परीक्षण आईसीएमआर की साझेदारी में किया जा रहा है।

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