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विधानसभा चुनाव/ चुनाव आयोग का बड़ा फरमान, मतगणना केंद्रों में मंत्रियों की नो एंट्री

मतगणना के दौरान मतगणना केंद्रों में केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रियों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंत्री सिर्फ उस मतगणना केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे, जिस क्षेत्र से वे विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार हैं। ऐसा फरमान छत्तीसगढ़ और मप्र चुनाव आयोग ने जारी किया है।

विधानसभा चुनाव/ चुनाव आयोग का बड़ा फरमान, मतगणना केंद्रों में मंत्रियों की नो एंट्री
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मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ समेत पांच राज्यों के चुनाव की मतगणना 11 दिसंबर को होगी। मतगणना के दौरान मतगणना केंद्रों में केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रियों को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मंत्री सिर्फ उस मतगणना केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे, जिस क्षेत्र से वे विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार हैं। ऐसा फरमान छत्तीसगढ़ और मप्र चुनाव आयोग ने जारी किया है।

यही नहीं, चुनाव से जुड़े हर मामले के लिए कलेक्टर और एसपी जिम्मेदार होंगे। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार राज्य और केंद्र सरकार के मंत्रियों या राज्य मंत्रियों को मतगणना केंद्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

मंत्री केवल उस मतगणना केंद्र में प्रवेश पा सकेंगे जहां से वे स्वयं उम्मीदवार हों। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय से दी गई जानकारी के अनुसार मंत्री के उम्मीदवार होने के बावजूद उनके साथ सुरक्षा के लिए तैनात सशस्त्र जवानों को मतगणना केंद्र के भीतर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।

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निर्वाचन आयोग ने अपने निर्देशों में यह भी कहा है कि केंद्र और राज्य शासन के मंत्री अथवा राज्य मंत्री के साथ सशस्त्र सुरक्षा जवान होते हैं इसलिए उनको किसी उम्मीदवार का चुनाव अभिकर्ता (एजेंट) या गणना अभिकर्ता (एजेंट) भी नियुक्त नहीं किया जा सकेगा।

आदेश में यह भी कहा गया है कि मतगणना प्रारंभ होने के पूर्व यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि अधिकृत व्यक्तियों के अलावा अन्य कोई व्यक्ति हाल में उपस्थित न हो। अधिकारियों को चाहे वे वर्दी में हो, या सादे वस्त्रों में, सामान्यतः नियमानुसार काउंटिंग हाल के अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने या किसी भी प्रकार के अन्य प्रयोजन से अंदर बुलाने का निर्णय न लिया जाए।

11 को मतगणना

ज्ञात हो कि राज्य में 28 नवंबर को मतदान हुआ है। मतगणना 11 दिसंबर को होने वाली है। मतगणना से पहले ईवीएम के देर से पहुंचने और कुछ स्थानों पर बिजली गुल होने की शिकायतों ने चुनाव आयोग के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं।

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कलेक्टर-एसपी का जिम्मा

उधर, मध्यप्रदेश के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीईओ) कांता राव कह दिया है कि चुनाव से जुड़े सभी तरह के मामलों के लिए जिले के कलेक्टर और एसपी जिम्मेदवार होंगे। उन्होंने दावा किया कि ईवीएम में किसी तरह की गड़बड़ी संभव नहीं है, स्ट्रांगरूम की सुरक्षा पुख्ता है।

मोबाइल पर प्रतिबंध

प्रत्याशी, मतगणना एजेंट, मतगणना कर्मी समेत किसी भी अधिकारी या कर्मचारी या मीडिया प्रतिनिधि के लिए मतगणना कक्ष में मोबाइल फोन ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

केवल प्राधिकृत

रायपुर जिला उप निर्वाचन अधिकारीराजीव पांडेय ने कहा कि मतगणना केंद्र पर केवल प्रत्याशी, मतगणना एजेंट या प्राधिकृत अधिकारी ही प्रवेश कर सकेंगे। मंत्री सिर्फ उस मतगणना केंद्र में प्रवेश कर सकेंगे, जिस क्षेत्र से वे विधानसभा चुनाव के उम्मीदवार हैं।

ऐसे दिशा निर्देश

* मतगणना परिसर पर बिना पास के प्रवेश नहीं

* मतगणना कक्ष पर मोबाइल सभी के लिए वर्जित

* मतगणना स्थल पर गतिविधियों की वीडियो रिकॉर्डिंग

* मीडिया के लिए फोन के बजाय हाथ से चलने वाले कैमरे ही मान्य

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