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Why ISIS-K Attack Russia: आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ ईराक एंड सीरिया-खुरासान (ISIS-K) ने रूस के मॉस्को में हुए घातक आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है। यह संगठन अफगानिस्तान के अंदर और बाहर मस्जिदों समेत कई स्थानों पर टेरर अटैक कर चुका है।

Why ISIS-K Attack Russia: रूस की राजधानी मॉस्को में शुक्रवार रात 20 साल का सबसे घातक हमला हुआ। इसमें अब तक 115 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से ज्यादा गंभीर रूप से जख्मी हैं। इस खूनी हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ ईराक एंड सीरिया-खुरासान (ISIS-K) ने ली है। मास्को हमले को लेकर एक अमेरिकी अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि अमेरिका के पास आईएस द्वारा गोलीबारी की जिम्मेदारी लेने की पुष्टि करने वाली खुफिया जानकारी है। यह इस्लामिक स्टेट की अफगान ब्रांच है, जिसे ISISI-K के नाम से जाना जाता है। 

क्या है आईएसआईएस-K?
- इस्लामिक स्टेट खुरासान (आईएसआईएस-K) का नाम उस क्षेत्र के पुराने शब्द पर रखा गया है। इसमें ईरान, तुर्कमेनिस्तान और अफगानिस्तान के कुछ हिस्से शामिल हैं। यह आतंकी संगठन 2014 के आखिर में पूर्वी अफगानिस्तान से शुरू हुआ और बहुत तेजी के साथ पहले से ज्यादा क्रूरता के लिए जाना जाने लगा।
- एक तरह से यह आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के सबसे सक्रिय क्षेत्रीय सहयोगियों में से एक है। 2018 के आसपास आईएसआईएस-के चरम पर था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें शामिल होने का रुझान घटता गया। अमेरिकी सेना और तालिबान ने ISIS-K को भारी नुकसान पहुंचाया है। (ये भी पढ़ें... मॉस्को आतंकी हमला: बच्चों को सीने से लगाए महिलाओं के शव टॉयलेट में मिले)

आखिर रूस पर हमले की क्या वजह रही?
आईएसआईएस-के द्वारा शुक्रवार को रूस में किया गया आतंकी हमला सबसे घातक है। एक्सपर्ट्स की मानें तो खुरासान गुट पिछले कुछ सालों से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का विरोध कर रहा है। अमेरिकी रिसर्च ग्रुप सौफान सेंटर के कॉलिन क्लार्क कहते हैं कि आईएसआईएस-के पिछले दो सालों से रूस पर केंद्रित है और अपने कैंपेन में अक्सर पुतिन की आलोचना करता है। एक अन्य एक्सपर्ट ने कहा कि खुरासान गुट रूस को मुसलमानों पर अत्याचार करने वाले गतिविधियों में शामिल मानता है। आईएसआईएस-K में कई मध्य एशियाई आतंकी शामिल हैं, जिनका रूस के खिलाफ अपना नजरिया है। 

अमेरिकी जनरल ने कुछ दिन पहले चेताया था
संयुक्त राज्य अमेरिका के मुताबिक, 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद यहां आईएसआईएस-के जैसे आतंकी संगठनों के खिलाफ खुफिया जानकारी जुटाने की उसकी क्षमता कम हो गई है। कुछ दिन पहले मध्य पूर्व में टॉप अमेरिकी जनरल ने कहा था कि खुरासान गुट अफगानिस्तान के बाहर अमेरिकी और दूसरे देशों में 6 महीने के भीतर बिना किसी चेतावनी के अटैक कर सकता है।

इस आतंकी संगठन ने कौन से हमले किए?
- उल्लेखनीय है कि आईएसआईएस-के का अफगानिस्तान के अंदर और बाहर मस्जिदों समेत कई स्थानों पर हमलों का इतिहास रहा है। 2024 की शुरुआत में अमेरिका एजेंसियों ने खुलासा किया था कि खुरासान गुट ने ईरान में दोहरे बम विस्फोट किए थे, जिसमें करीब 100 लोग मारे गए थे।
- इससे पहले सितंबर 2022 में ISIS-K के आतंकियों ने काबुल में रशियन एम्बेसी पर घात लगाकर हमला किया था। इसी संगठन ने आत्मघाती बम ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली थी।
- 2021 में काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आतंकी हमला किया था। जिसमें 13 अमेरिकी सैनिक और कई नागरिकों की जान गई थी।

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