'7 दिनों में पूरे भारत में लागू होगा CAA': केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने बंगाल में दी 'गारंटी'

Shantanu Thakur on Citizenship Amendment Act: बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी सरकार ने 2020 में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। इस तरह का प्रस्ताव लाने वाला बंगाल चौथा राज्य बन गया था। ममता बनर्जी ने ऐलान किया था कि राज्य में सीएए, एनपीआर और एनआरसी लागू नहीं होने दिया जाएगा। 

Updated On 2024-01-29 10:36:00 IST
Union Minister and BJP leader Shantanu Thakur

Shantanu Thakur on Citizenship Amendment Act: केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता शांतनु ठाकुर ने नागरिकता (संशोधन) अधिनियम यानी CAA को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने रविवार को बंगाल के दक्षिण 24 परगना में एक सभा में बोलते हुए दावा किया कि अगले सात दिनों के भीतर पूरे भारत में CAA लागू किया जाएगा। उन्होंने कह कि मैं मंच से गारंटी दे रहा हूं कि अगले सात दिनों के अंदर सिर्फ बंगाल में नहीं बल्कि पूरे भारत में इसे लागू कर दिया जाएगा। 

शांतनु ठाकुर ने अमित शाह की दोहराई बात
शांतनु ठाकुर बंगाल के बनगांव से बीजेपी के लोकसभा सांसद हैं। उन्होंने अपने सीएए बयान में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बात दोहराई। पिछले साल दिसंबर में अमित शाह ने कहा था कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सीएए लागू करेगी और कोई भी इसे रोक नहीं सकता। उनकी टिप्पणी तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाना साधते हुए थी। ममता बनर्जी सीएए की कट्टर विरोधी हैं। 

कोलकाता में एक बड़ी रैली में अपने भाषण के दौरान अमित शाह ने घुसपैठ, भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और तुष्टीकरण के मुद्दों पर ममता बनर्जी के खिलाफ तीखे हमले किए थे और विधानसभा चुनाव में लोगों से ममता बनर्जी की सरकार को बंगाल से हटाने और 2026 में भाजपा को चुनने का आग्रह किया था। अमित शाह ने सीएए को देश का कानून बताया था और कहा था कि इसे लागू होने से कोई रोक नहीं सकता है। उन्होंने ममता बनर्जी पर सीएए को लेकर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया था। 

सुनिए केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा?

क्या है सीएए?
नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार यह कानून लेकर आई थी। इस कानून के तहत बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए प्रताड़ित गैर मुस्लिमों (हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई) को भारत की नागरिकता दी जाएगी। यह कानून दिसंबर 2019 में संसद से पास हुआ था। संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा गया था। हालांकि इस कानून के विरोध में पूरे देश में प्रदर्शन हुए। दिल्ली के शाहीन बाग के अलावा देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन, हिंसा, गिरफ्तारियां हुईं। 

ममता बनर्जी ने विरोध में पास किया था प्रस्ताव
बंगाल में ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी सरकार ने 2020 में सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया था। इस तरह का प्रस्ताव लाने वाला बंगाल चौथा राज्य बन गया था। ममता बनर्जी ने ऐलान किया था कि राज्य में सीएए, एनपीआर और एनआरसी लागू नहीं होने दिया जाएगा। 

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