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Shankar adhya Arrested in West Bengal ration scam case: पश्चिम बंगाल के राशन वितरण घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शुक्रवार आधी रात तृणमूल कांग्रेस नेता और बोंगगांव नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष शंकर आद्या को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के वक्त ईडी टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ा। शंकर के समर्थकों ने ईडी को घेर लिया था। ईडी ने शुक्रवार को आद्या की ससुराल में छापा मारा था। वह पूर्व खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक का करीबी है। 

इस बीच ईडी ने शुक्रवार को टीएमसी नेता शेख शाहजहां के यहां छापेमारी के दौरान हुए हमले को लेकर चौंकाने वाली रिपोर्ट दी है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि भीड़ में 800 से एक हजार लोग शामिल थे। उनका इरादा जान से मारने का था। एजेंसी के अनुसार, उनके तीन अधिकारी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। भीड़ में शामिल लोगों ने उनके कर्मियों से मोबाइल फोन, वॉलेट और लैपटॉप सहित उनका सामान लूट लिया।

संदेशखली में ईडी की टीम पर हुआ था हमला
ईडी की टीम शुक्रवार को टीएमसी के दो नेताओं शाहजहां शेख और शंकर आद्या के यहां छापेमारी करने पहुंची थी। लेकिन जब उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में ईडी की टीम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के कर्मियों के साथ शाहजहां शेख के तीन ठिकानों की तलाशी ले रही थी, तभी उन पर हमला हुआ। 

दरवाजा खुलवाने की कोशिश कर रही थी एजेंसी की टीम
प्रवर्तन निदेशालय ने शेख को तृणमूल कांग्रेस का संयोजक बताया। एजेंसी ने दावा किया कि एक ठिकाने पर सीआरपीएफ कर्मियों के साथ प्रवर्तन निदेशालय की टीम पर 800-1000 लोगों ने मौत के इरादे से हमला किया था। लोग लाठियां, पत्थर और ईंटें जैसे हथियार लेकर आए थे। हमले में तीन ईडी अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। 

एजेंसी ने कहा कि शेख ने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया और जब टीम इसे खोलने की कोशिश कर रही थी, तो आधे घंटे के भीतर भीड़ इकट्ठा हो गई। आरोप है कि कर्मियों पर पथराव भी किया गया। अन्य अधिकारियों को अपनी जान बचाने के लिए बिना तलाशी लिए घटना स्थल से भागना पड़ा। क्योंकि भीड़ बहुत हिंसक हो गई थी और यहां तक कि अधिकारियों का पीछा भी किया ताकि अधिकारियों को उनके काम से रोका जा सके। 

तृणमूल ने बताया भाजपा की साजिश
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना को भाजपा की शैतानी साजिश कहा। दावा किया कि केंद्रीय एजेंसियों से जुड़े शरारती तत्वों ने स्थानीय लोगों को उकसा। वहीं, भाजपा ने राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी की सरकार के बने रहने को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा करार दिया है।

भाजपा ने कहा- बंगाल में आतंक का शासन
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए भाजपा के सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी के आश्वासन और प्रोत्साहन के कारण, शेख शाहजहां जैसे अपराधियों ने रोहिंग्या को अपने गुर्गे के रूप में काम करने और स्थापित करने के लिए इकट्ठा किया है। बंगाल में आतंक का शासन है। 

राज्यपाल ने सरकार को चेताया
बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी हमले की निंदा की और कहा कि यह एक भयानक घटना है। यह चिंताजनक और निंदनीय है। राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र में बर्बरता को रोकना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि सरकार अपना काम ठीक से नहीं कर सकती है तो संविधान अपना काम करेगा।