प. बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता को पत्र लिखकर ‘शोनार बांग्ला’ का सपना दोहराया। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा को समर्थन देने की अपील की और केंद्र की योजनाओं का उल्लेख किया।

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुछ ही माह बाकी हैं। इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने राज्य की जनता को संबोधित पत्र लिखा है। उन्होंने पत्र में पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति पर दुख और चिंता प्रकट की है। उन्होंने पत्र की शुरुआत ‘जय मां काली’ के संबोधन से की और कहा कि जिस शोनार बांग्ला यानी स्वर्णिम बंगाल का उन्होंने सपना देखा था, वह मौजूदा तृणमूल कांग्रेस सरकार के शासनकाल में छल का शिकार हो गया है। 

बेहतर प्रशासन का हकदार है बंगाल
पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल बेहतर प्रशासन और विकास का हकदार है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्य में बदलाव ला सकती है। उन्होंने बंगाल की जनता से अपील की कि वे भाजपा को समर्थन देकर राज्य की विकास यात्रा को आगे बढ़ाएं। पीएम मोदी ने अपने पत्र में विकसित पश्चिम बंगाल के निर्माण का संकल्प दोहराया। उन्होंने राज्य के लोगों से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा शोनार बांग्ला का भविष्य स्वयं बंगाल के लोगों के निर्णय पर निर्भर करता है। 

राज्य के विकास के लिए भाजपा को वोट दें
उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे राज्य के विकास के हित में भाजपा को वोट दें। उनके शब्दों में, पश्चिम बंगाल के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी जनता के हाथ में है और एक मजबूत निर्णय से राज्य की दिशा बदली जा सकती है। पत्र में केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। पीओम मोदी ने कहा कि जन-धन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग सेवाओं से जोड़ा गया है। 

व्यापारियों को 2.83 लाख करोड़ मदद दी
उन्होंने दावा किया कि छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को 2.83 लाख करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत लगभग 1.5 करोड़ परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन दिए गए, जिससे गरीब परिवारों को राहत मिली। पत्र में यह भी कहा गया है कि विधवा और दिव्यांग पेंशन योजनाओं के तहत हजारों लोगों को लाभ पहुंचाया गया है। पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में से एक था। 

कमजोर पड़ी राज्य की औद्योगिक विरासत
उन्होंने आरोप लगाया राजनीतिक अस्थिरता और दूरदर्शिता की कमी वाली नीतियों के कारण राज्य की 65 वर्ष पुरानी औद्योगिक विरासत कमजोर हो गई है। कई उद्योग बंद हो चुके हैं, बेरोजगारी बढ़ी है और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार की तलाश में अन्य राज्यों की ओर पलायन करना पड़ा है। पत्र में उन्होंने कहा सुशासन, भ्रष्टाचार से मुक्ति और निरंतर विकास उनकी प्रतिबद्धता है। उन्होंने कहा जब सत्तारूढ़ दल ने लोगों से नौकरियां छीनीं, तब केंद्र ने आर्थिक सहायता प्रदान की।