Seva Teerth Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज शुक्रवार को दिल्ली के दारा शिकोह रोड पर स्थित नए PMO परिसर 'सेवा तीर्थ' और 'कर्तव्य भवन' का उद्घाटन किया। उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर 100 रुपये का स्मारक सिक्का भी जारी किया। अब से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) सहित देश के कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों का संचालन इसी आधुनिक परिसर से होगा।
साउथ ब्लॉक में आखिरी बैठक
इस उद्घाटन से पहले आज सुबह साउथ ब्लॉक स्थित पुराने प्रधानमंत्री कार्यालय में कैबिनेट की आखिरी बैठक हुई। 80 सालों तक देश की दिशा तय करने वाले इस ऐतिहासिक भवन ने आज अपनी आखिरी विदाई ली। 15 अगस्त 1947 को जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुई पहली बैठक से लेकर आज पीएम मोदी की अध्यक्षता वाली आखिरी बैठक तक, यह भवन भारतीय लोकतंत्र के गौरव का साक्षी रहा है। अब पुराने दफ्तर को 'युगे युगीन भारत' संग्रहालय में बदला जाएगा।
1,189 करोड़ की लागत और भव्य विस्तार
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत निर्मित इस नए परिसर को बनाने में 1,189 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। 2.26 लाख वर्ग फुट में फैले इस 'सेवा तीर्थ' को तीन मुख्य इमारतों में बांटा गया है:
- सेवा तीर्थ 1: प्रधानमंत्री का आधिकारिक कार्यालय।
- सेवा तीर्थ 2: कैबिनेट सचिवालय, जहाँ अब कैबिनेट की बैठकें होंगी।
- सेवा तीर्थ 3: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) का दफ्तर।
इन सभी महत्वपूर्ण कार्यालयों के एक साथ आने से सरकार की रणनीतिक और प्रशासनिक गति में बड़ा इजाफा होगा।
पूरी तरह हाईटेक और पेपरलेस 'सेवा तीर्थ'
'सेवा तीर्थ' को भविष्य की जरूरतों के अनुसार 'स्मार्ट' बनाया गया है। यहाँ की प्रमुख खूबियां इस प्रकार हैं:
- डिजिटल आर्किटेक्चर: यहां पेपरलेस वर्क कल्चर को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक डिजिटल आर्काइव्स बनाए गए हैं।
- स्मार्ट सुरक्षा: परिसर में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल, हाई-टेक मॉनिटरिंग नेटवर्क और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम दिया गया है।
- बेहतर कनेक्टिविटी: प्रधानमंत्री के मूवमेंट के दौरान विजय चौक और आसपास के इलाकों में ट्रैफिक बाधित न हो, इसके लिए विशेष कॉरिडोर और अंडरग्राउंड कनेक्टिविटी का ध्यान रखा गया है।
आम जनता के लिए राहत
'सेवा तीर्थ' को विजय चौक के पास बसाने का एक बड़ा उद्देश्य प्रधानमंत्री के काफिले के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम से जनता को मुक्ति दिलाना है। साथ ही, यहाँ 'कर्तव्य भवन' के माध्यम से विभिन्न मंत्रालयों को एक ही जगह लाकर आम नागरिकों के लिए सरकारी दफ्तरों तक पहुंच को सुगम और पारदर्शी बनाया गया है।
