कोच्चि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केरल के कोच्चि में आयोजित अखिल केरल धीवर सभा के स्वर्ण जयंती सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
इस विशेष अवसर पर पीएम ने मछुआरा समुदाय को देश की अर्थव्यवस्था का एक मजबूत आधार स्तंभ बताया और 'ब्लू इकोनॉमी' के माध्यम से तटीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अपनी सरकार का संकल्प दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्र की शक्ति को पहचानकर ही हम विकसित भारत के सपने को साकार कर सकते हैं।
केरल आधिकारिक तौर पर अब 'केरलम'
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एक ऐतिहासिक और भावनात्मक निर्णय की जानकारी साझा करते हुए बताया कि केंद्र की एनडीए सरकार ने राज्य का नाम बदलकर 'केरलम' रखने की दशकों पुरानी मांग को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
पीएम ने कहा कि मलयाली संस्कृति और वहां की भाषाई विरासत के अनुसार अब राज्य को उसका वास्तविक और उचित नाम मिल गया है, जिससे न केवल केरल बल्कि पूरे देश में खुशी की लहर है। उन्होंने इसे पिछली सरकारों द्वारा की गई सांस्कृतिक उपेक्षा के अंत के रूप में पेश किया और कहा कि अब मछुआरा समुदाय को भी सम्मान के साथ विकास की मुख्यधारा में लाया जा रहा है।
ब्लू इकोनॉमी का निर्माण और स्वतंत्र मंत्रालय के माध्यम से सशक्तिकरण
तटीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पीएम मोदी ने सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों का विवरण पेश किया। उन्होंने बताया कि यह बीजेपी-एनडीए सरकार ही थी जिसने मत्स्य पालन क्षेत्र की विशिष्ट आवश्यकताओं को समझते हुए इसके लिए एक पूर्णतः अलग मंत्रालय का गठन किया।
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत अकेले केरल राज्य के विकास के लिए लगभग 1400 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है, जिसका परिणाम आज यहाँ मत्स्य पालन क्षेत्र में हो रही तीव्र प्रगति के रूप में सबके सामने है। उन्होंने मछुआरों के साहस की सराहना करते हुए केरल की बाढ़ के दौरान उनके द्वारा बचाई गई हजारों जिंदगियों को भी याद किया।
सैटेलाइट तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म से मछुआरों की सुरक्षा
मछुआरों के कार्यक्षेत्र को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने नवीनतम तकनीक का समावेश किया है। पीएम ने बताया कि पहले हमारे मछुआरे भाई-बहन खुले समुद्र में जाते समय मौसम की अनिश्चितता और सुरक्षा को लेकर निरंतर भयभीत रहते थे, लेकिन अब सैटेलाइट आधारित उन्नत तकनीक के माध्यम से उनकी सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाया गया है।
इसके साथ ही, 'राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म' की शुरुआत की गई है जो मछुआरों, स्थानीय व्यापारियों और बड़े निर्यातकों को एक ही स्थान पर जोड़ता है, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा उनके खातों तक पहुँचना और व्यापार करना अत्यंत सुगम हो गया है।
विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित केरलम का महासंकल्प
अपने संबोधन के समापन पर पीएम मोदी ने प्रत्येक परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विकसित भारत की मजबूत नींव तभी रखी जा सकती है जब केरल का प्रत्येक तटीय परिवार समृद्ध और आत्मनिर्भर होगा।
प्रधानमंत्री ने मछुआरा समुदाय को आश्वस्त किया कि उनकी क्षमता को असीमित स्तर तक बढ़ाने और उन्हें वैश्विक बाजारों से जोड़ने के लिए सरकार अपनी नीतियों में निरंतर सुधार करती रहेगी, ताकि आने वाला समय मछुआरा समुदाय के लिए स्वर्णिम युग साबित हो सके।