Assembly Elections 2026: चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान करेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में मतदान, नामांकन और मतगणना की पूरी जानकारी दी जाएगी।

नई दिल्ली: भारतीय चुनाव आयोग (ECI) रविवार, 15 मार्च को देश के पांच महत्वपूर्ण राज्यों- पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा करने जा रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अन्य चुनाव आयुक्तों के साथ दिल्ली के विज्ञान भवन में शाम 4 बजे एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। इस घोषणा के साथ ही इन सभी चुनावी राज्यों में तत्काल प्रभाव से 'आदर्श चुनाव आचार संहिता' लागू हो जाएगी।

चुनाव आयोग आज शाम 4 बजे असम, बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए चुनाव तारीखों की घोषणा करेगा।

​चुनाव का संभावित शेड्यूल: बंगाल में कई चरणों में हो सकती है वोटिंग

​सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए पश्चिम बंगाल में चुनाव 4 से 8 चरणों में संपन्न कराए जा सकते हैं। वहीं, असम में 2 से 3 चरणों में मतदान होने की उम्मीद है।

इसके विपरीत, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में पिछली बार की तरह एक ही चरण में मतदान कराया जा सकता है। आयोग ने हाल ही में इन सभी राज्यों का दौरा कर चुनावी तैयारियों, मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण और सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की है।

​कार्यकाल की समयसीमा और राजनीतिक माहौल 
इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून 2026 में समाप्त हो रहा है:-

  • ​पश्चिम बंगाल: 7 मई
  • ​तमिलनाडु: 10 मई
  • ​असम: 20 मई
  • ​केरल: 23 मई
  • ​पुडुचेरी: 15 जून

​चुनावी तारीखों का एलान ऐसे समय में हो रहा है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में कोलकाता में मेगा रैली कर चुनावी शंखनाद कर दिया है। साथ ही, पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों में 'घुसपैठियों' के नाम को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव चरम पर है।

​सुरक्षा के कड़े इंतजाम और हाईटेक निगरानी

शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की योजना बनाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, संवेदनशील केंद्रों पर वेबकास्टिंग और ड्रोन के जरिए निगरानी रखी जाएगी। आयोग का पूरा ध्यान इस बार 'स्वच्छ मतदाता सूची' और 'हिंसा मुक्त चुनाव' पर है।

पश्चिम बंगाल पर सबसे ज्यादा नजर 
आगामी विधानसभा चुनावों में सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल को लेकर है। माना जा रहा है कि इस बार राज्य में चुनाव तीन से अधिक चरणों में नहीं कराए जाएंगे। कई राजनीतिक दलों के बीच इस पर सहमति बन चुकी है।

यहां मुख्य मुकाबला BJP और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच होने की संभावना है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में TMC वर्ष 2011 से लगातार राज्य की सत्ता में बनी हुई है।

पिछले विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में 7–8 चरणों में मतदान कराया गया था, जिस पर काफी राजनीतिक बहस हुई थी। इस बार BJP ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि इतनी लंबी चुनाव प्रक्रिया न रखी जाए।

राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 7 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। ऐसे में संभावना है कि मतदान मार्च के अंतिम सप्ताह या अप्रैल की शुरुआत में कराया जाए ताकि नई सरकार समय पर गठित हो सके।

तमिलनाडु में गठबंधन की टक्कर
तमिलनाडु की राजनीति में भी इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने वाला है। यहां मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK और उसके सहयोगी दलों का सामना BJP-AIADMK गठबंधन से होने की संभावना है।

पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व वाली AIADMK के साथ BJP मिलकर चुनाव मैदान में उतर सकती है।

राज्य की 234 सदस्यीय विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग को इससे पहले चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

केरल में त्रिकोणीय मुकाबले के संकेत 
केरल की राजनीति हमेशा से अलग तरह की रही है और यहां चुनावी मुकाबला काफी रोचक माना जाता है।

राज्य की 140 सदस्यीय विधानसभा में इस बार मुख्य मुकाबला मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाले LDF गठबंधन और कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के बीच होगा। वहीं BJP भी राज्य में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जिससे कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति बन सकती है।

असम और पुडुचेरी में भी चुनावी तैयारी 
असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने हैं। इन दोनों क्षेत्रों में राजनीतिक दलों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं और चुनाव आयोग की घोषणा के बाद प्रचार अभियान और तेज होने की उम्मीद है।