कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सम्मान को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए व्यक्तिगत हमले में तब्दील हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा पलटवार करते हुए एक पुरानी तस्वीर सार्वजनिक की है।
इस तस्वीर में राष्ट्रपति मुर्मू खड़ी होकर दिग्गज भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को 'भारत रत्न' से सम्मानित कर रही हैं, जबकि उनके बगल में प्रधानमंत्री मोदी बैठे हुए नजर आ रहे हैं। ममता बनर्जी ने इस फोटो के जरिए प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि वे खुद एक आदिवासी महिला राष्ट्रपति का सम्मान नहीं करते।
ममता का पलटवार: 'हमें सम्मान सिखाने की जरूरत नहीं'
ममता बनर्जी ने ने कड़े लहजे में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी चुनाव के समय केवल वोट पाने के लिए बंगाल पर लगातार हमले करते हैं और उनकी सरकार को बेवजह दोषी ठहराते हैं। उन्होंने तस्वीर दिखाते हुए सीधे पीएम से सवाल किया कि आप देश की राष्ट्रपति का सम्मान क्यों नहीं करते?
ममता ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों को लेकर उनकी सरकार हमेशा से प्रतिबद्ध रही है और उन्हें किसी से यह सीखने की जरूरत नहीं है कि महिलाओं का आदर कैसे किया जाता है।
आयोजन स्थल को लेकर पहले ही दर्ज कराई थी आपत्ति
प्रोटोकॉल उल्लंघन के आरोपों पर सफाई देते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि राष्ट्रपति के जिस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसके आयोजन स्थल को लेकर उन्होंने पहले ही लिखित आपत्ति दर्ज कराई थी। उन्होंने फेसबुक पर भी इसे साझा किया था, लेकिन उनकी चेतावनी को प्रशासन और आयोजकों द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया। ममता बनर्जी के अनुसार, अब उसी मामले में जानबूझकर राज्य सरकार को दोष दिया जा रहा है, जबकि यह केंद्र के अधिकार क्षेत्र का विषय था।
'मैं धरने पर बैठी हूं, हर बार स्वागत संभव नहीं'
ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति को रिसीव करने न पहुँचने की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि वे उस समय कोलकाता में टीएमसी के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही थीं और 'एसआईआ' के मुद्दे पर धरने पर बैठी थीं।
उन्होंने तर्क दिया कि वे लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं और उनके लिए हर उस कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं है जहा राष्ट्रपति साल में दर्जनों बार आती हैं। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आते ही हर चीज के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाता है।