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Lok Sabha Election 2024: देश में लोकसभा चुनाव अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। 1 जून को सातवें फेज की वोटिंग के बाद 4 जून को नतीजे आएंगे। इस बीच राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में भाजपा और एनडीए को भारी नुकसान हो रहा है।

 Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के लिए 1 जून को आखिरी यानी सातवें फेज में 56 सीटों पर वोटिंग होगी। अब तक 6 फेज का चुनाव संपन्न हो चुका है। इस बीच राजनीतिक विश्लेषक योगेंद्र यादव ने बड़ा दावा किया है, जो भाजपा के होश उड़ा सकता है। योगेंद्र यादव का दावा है कि बिहार में एनडीए को भारी नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया है कि INDI गठबंधन को किस जगह और कितना फायदा और कितना नुकसान हो सकता है। 

योगेंद्र यादव का अनुमान है कि भाजपा को 240 से 260 सीटें मिल सकती हैं। बाकी NDA गठबंधन सहयोगियों को 35 से 45 सीट मिल सकती हैं। योगेंद्र यादव ने कांग्रेस को 50 से 100 सीट मिलने का अनुमान जताया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस को छोड़कर INDI गठबंधन को 120 से 135 सीटें मिल सकती हैं। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी का 400 पार का दावा पूरी तरह से हवा हवाई है। उन्होंने भाजपा को 300 सीटें भी मिलना नामुमकिन दिख रहा है।  

तो कितनी सीटें नीचे आ सकती है भाजपा?
योगेंद्र यादव ने कहा कि भाजपा बहुमत के आंकड़े 272 से नीचे रह सकती है। छठे फेज की वोटिंग के बाद अनुमान है कि भाजपा 250 सीटों से भी नीचे जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि INDI गठबंधन को भी बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। उनकी 205 से 235 सीटें मिल सकती हैं। लेकिन 7वें फेज में उत्तर प्रदेश और बिहार में कुछ बड़ा फेरबदल हो सकता है। अगर सच में फेरदबल हुआ तो इस संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है कि INDI गठबंधन एनडीए से आगे निकल जाएगा। लेकिन आज के समय में वह आगे नहीं है। योगेंद्र यादव ने कहा कि उनके पास कोई एग्जिट पोल नहीं है। उन्होंने अपने अनुमान को ग्राउंड रियालिटी के आधार मूल्यांकन बताया। 

योगेंद्र यादव ने बताया भाजपा को कहां होगा नुकसान?

  • केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में भाजपा की सिर्फ 2 सीटें बढ़ सकती हैं। भाजपा के साथ गठबंधन वाली पार्टी को भी 2 सीटें मिल सकती हैं।
  • आंध्र प्रदेश में भाजपा का टीडीपी और जनसेना से गठबंधन है। यहां 15 सीटें आ सकती हैं। तेलंगाना में कांग्रेस और बीजेपी का सीधा मुकाबला है। यहां कांग्रेस और भाजपा, दोनों की सीट बढ़ सकती हैं। भाजपा की पहले चार थी, अब और 4 सीट बढ़ सकती है।
  • उड़ीसा में भाजपा के पास पहले से 8 सीट है। इस बार 4 सीट और बढ़ सकती है। कुल मिलाकर भाजपा को 13 सीटों का फायदा हुआ है।
  • कर्नाटक में भाजपा को 13 सीटों का नुकसान हो सकता है। कर्नाटक में भाजपा के पास 25 सीटें हैं। जिनमें 13 पर जीत मिल सकती है।
  • पश्चिम बंगाल में भाजपा को 18 सीटें मिल सकती हैं। यहां भाजपा को न बड़ी बढ़त और न ही बड़ा नुकसान है।
  • पूर्वोत्तर भारत में भाजपा अपने पुराने आंकड़े पर खड़ी है। यहां पिछली बार भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया था।
  • महाराष्ट्र में पिछली बार चुनाव में एनडीए को 42 सीट मिली थी। इस बार 20 सीटों का नुकसान है। यहां 15 सीटों का नुकसान गठबंधन तो भाजपा को 5 सीटों का नुकसान हो सकता है।
  • राजस्थान और गुजरात में भाजपा को 10 सीटों का नुकसान है।
  • मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भाजपा को 10 सीटों का नुकसान है। 
  • हरियाणा और दिल्ली में भाजपा को 10 सीटों का नुकसान है। हरियाणा में भाजपा के खिलाफ आंधी चली है।
  • पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल, जम्मू कश्मीर में भाजपा को 5 सीटों का नुकसान है।
  • उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में भाजपा को 10 सीटों का नुकसान हो रहा है। 
  • बिहार में भाजपा को पिछले चुनाव में 39 सीटें मिली थीं। इस बार भाजपा को 5 सीटों का नुकसान है। जबकि एनडीए गठबंधन को 10 सीटों के नुकसान का अनुमान है।

कुल 55 सीटों का भाजपा को नुकसान
कुल मिलाकर भाजपा को 55 सीटों के नुकसान का अनुमान है। 2019 के चुनाव में भाजपा को 303 सीटें मिली थी। अगर इसमें 55 सीटें घटा दी जाएं तो यह आंकड़ा 248 का रह जाता है। जबकि एनडीए सहयोगियों को 25 सीटों का नुकसान होता दिख रहा है। पिछली बार 15 सीटों का फायदा हुआ था। 

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