Middle East Conflict: ईरान-इजरायल युद्ध और होर्मुज मे जारी भारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ताजा जानकारी के अनुसार, खाड़ी क्षेत्र में फंसे भारतीय झंडे वाले दो और एलपीजी (LPG) टैंकर सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर भारत के लिए रवाना हो गए हैं।
इससे पहले शुक्रवार को भी 'जग वसंत' नामक जहाज एलपीजी लेकर गुजरात तट पर पहुंचा था। इन टैंकरों के आने से घरेलू बाजार में रसोई गैस की उपलब्धता में सुधार होने की उम्मीद है।
सरकार की अपील: 'अफवाहों पर न दें ध्यान, न करें पैनिक बुकिंग'
देश के कई हिस्सों में गैस और ईंधन की कमी की अफवाहों के कारण मची 'पैनिक बुकिंग' को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचनाओं पर विश्वास न करें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर की एडवांस बुकिंग न करें। मंत्रालय ने कहा कि आपूर्ति शृंखला पूरी तरह सुरक्षित है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
होर्मुज संकट और भारत की रणनीतिक कूटनीति
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां से भारत के कुल एलपीजी आयात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। युद्ध के कारण इस मार्ग के प्रभावी रूप से बंद होने से भारत को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा था।
हालांकि, भारत सरकार ने ईरान के साथ राजनयिक स्तर पर बातचीत कर भारतीय जहाजों के लिए 'सेफ पैसेज' सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार, तेहरान कुछ चुनिंदा जहाजों को मानवीय और आवश्यक वस्तुओं के आधार पर मार्ग प्रदान कर रहा है, जिससे भारत को यह महत्वपूर्ण राहत मिली है।
वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और अर्जेंटीना से मददसंकट की इस घड़ी में भारत ने अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने के प्रयास भी तेज कर दिए हैं। दक्षिण अमेरिकी देश अर्जेंटीना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में उभरा है। साल 2026 की पहली तिमाही में ही अर्जेंटीना ने भारत को 50,000 टन एलपीजी का निर्यात किया है, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी अधिक है।
इसके अलावा, सरकार देश के भीतर पाइप्ड नेचुरल गैस के नेटवर्क को भी तेजी से विस्तार देने पर काम कर रही है ताकि एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भरता को कम किया जा सके और औद्योगिक एवं घरेलू जरूरतों को निर्बाध रूप से पूरा किया जा सके।
जमाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और निगरानी
ईंधन की किल्लत की खबरों के बीच कुछ इलाकों में जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतों पर प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक देश भर में करीब 2,900 छापेमारी की गई है और अवैध रूप से जमा किए गए सिलेंडरों को जब्त किया गया है।
राज्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दैनिक आधार पर ईंधन की उपलब्धता की ब्रीफिंग करें और सोशल मीडिया पर फैल रही गलत खबरों का खंडन करें। सरकार ने आश्वासन दिया है कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए एलपीजी की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।










