प्रयागराज : महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता रहे अजित पवार की अस्थियों को रविवार को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम में विसर्जित किया गया।

उनके बेटे जय पवार अस्थि कलश लेकर तीर्थ पुरोहितों के सानिध्य में वीआईपी घाट पहुंचे, जहा उन्होंने अपने पिता की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और अस्थियों को गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र मिलन स्थल पर प्रवाहित किया।

​वैदिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुई रस्म

​संगम तट पर तीर्थ पुरोहितों ने जय पवार से विशेष पूजा-अर्चना करवाई। मंत्रोच्चार के बीच जय पवार ने नाव के जरिए संगम के मध्य जाकर अस्थि विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की।

इस दौरान अजित पवार के कुछ करीबी समर्थक और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी भी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मौजूद रहे। परिवार के सदस्यों के अनुसार, अजित पवार की अंतिम इच्छाओं और धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए उनकी अस्थियों को मोक्षदायिनी गंगा में विसर्जित करने का निर्णय लिया गया था।

महाराष्ट्र से प्रयागराज तक का सफर

​अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र में उनकी अंतिम विदाई के बाद से ही परिवार संगम में अस्थि विसर्जन की तैयारी कर रहा था। जय पवार विशेष विमान से अस्थि कलश लेकर वाराणसी होते हुए सड़क मार्ग से प्रयागराज पहुंचे थे।

संगम की पावन धरा पर पहुंचने के बाद उन्होंने अपने पूर्वजों को याद किया और पिता के अधूरे सपनों और उनकी विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

​भावुक क्षण: पिता को याद कर नम हुईं आंखें

​अस्थि विसर्जन के दौरान जय पवार काफी भावुक नजर आए। संगम की लहरों में अस्थियां प्रवाहित करते समय उनकी आंखें नम थीं। उन्होंने स्थानीय मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में कहा कि उनके पिता का उत्तर प्रदेश और प्रयागराज की आध्यात्मिक भूमि से गहरा लगाव था, इसलिए वे यहाँ शांति की तलाश में आए हैं। विसर्जन के बाद उन्होंने लेटे हुए हनुमान मंदिर के दर्शन किए और विधिवत दान-पुण्य भी किया।