नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले ही दिन महंगाई का बड़ा झटका लगा है। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में ₹195.50 की भारी बढ़ोतरी कर दी है।

​1 अप्रैल 2026 से देश में एलपीजी की नई दरें लागू हो गई हैं। तेल कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹195.50 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है।

इस वृद्धि के बाद देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹2,078.50 हो गई है। कोलकाता में यह बढ़ोतरी और भी अधिक रही, जहाँ कीमतों में ₹218 का इजाफा हुआ है। यह पिछले एक महीने में कमर्शियल गैस की कीमतों में हुई दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जिससे खाद्य उद्योग और छोटे व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ना तय है।

​घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

​जहाँ एक तरफ कमर्शियल गैस महंगी हुई है, वहीं करोड़ों घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

दिल्ली में घरेलू सिलेंडर अभी भी ₹913 पर उपलब्ध है। जानकारों का मानना है कि सरकार ने आम आदमी के किचन बजट को ध्यान में रखते हुए घरेलू दरों को स्थिर रखा है। हालांकि, कमर्शियल गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का असर परोक्ष रूप से जनता पर पड़ सकता है, क्योंकि होटल और रेस्टोरेंट में खाने-पीने की चीजें महंगी होने की संभावना है।

​क्यों बढ़ीं कीमतें? अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर

​गैस की कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष को माना जा रहा है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य की घेराबंदी और सप्लाई चेन में आई बाधाओं ने लॉजिस्टिक लागत को बढ़ा दिया है। तेल कंपनियों का कहना है कि वैश्विक बेंचमार्क और विनिमय दर में बदलाव के कारण कीमतों को संशोधित करना अनिवार्य हो गया था।

​रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसायों पर असर

​कमर्शियल गैस की कीमतों में ₹195.50 की बढ़ोतरी से रेस्टोरेंट, कैंटीन, ढाबा और मिठाई की दुकानों की लागत बढ़ जाएगी। व्यापारियों का कहना है कि लागत में इतनी बड़ी वृद्धि के बाद उनके पास खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

इसका सीधा असर मिडिल क्लास और बाहर खाना खाने वालों की जेब पर पड़ेगा। हालांकि, सरकार ने दिल्ली में कमर्शियल गैस की किल्लत को देखते हुए कोटा बढ़ाकर आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास किए हैं, लेकिन बढ़ी हुई कीमतों ने व्यापारियों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि युद्ध लंबा खिंचता है, तो आने वाले महीनों में कीमतों में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।