केंद्र सरकार ने आम जनता और विशेष रूप से दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल के साथ-साथ केरोसिन भी उपलब्ध होगा।
इस नई योजना के तहत, सरकार ने हर जिले में कम से कम दो पेट्रोल पंपों पर केरोसिन बेचने की सुविधा प्रदान करने का फैसला किया है। यह कदम उन लोगों के लिए बड़ी राहत साबित होगा जो आज भी खाना पकाने या अन्य घरेलू कार्यों के लिए केरोसिन पर निर्भर हैं, लेकिन उन्हें इसकी उपलब्धता में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
हर जिले के दो पंपों पर मिलेगी विशेष सुविधा
सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, शुरुआती चरण में प्रत्येक जिले के दो प्रमुख पेट्रोल पंपों को इस सेवा के लिए चिन्हित किया जाएगा। इन पंपों का चयन उनकी लोकेशन और वहां पहुँचने वाले उपभोक्ताओं की संख्या के आधार पर किया जाएगा।
इसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से बाहर के उन उपभोक्ताओं को केरोसिन उपलब्ध कराना है, जिन्हें खुले बाजार में इसकी भारी किल्लत या ऊंचे दामों का सामना करना पड़ता था। अब उपभोक्ता सीधे पेट्रोल पंप से अपनी जरूरत का केरोसिन पारदर्शी तरीके से खरीद सकेंगे।
5 हजार लीटर स्टॉक रखने की मिली अनुमति
तेल कंपनियों के लिए भी सरकार ने नियमों में ढील दी है। अब इन चिन्हित पेट्रोल पंपों पर तेल कंपनियां 5,000 लीटर तक केरोसिन का स्टॉक सुरक्षित रख सकेंगी।
पहले केरोसिन के भंडारण और बिक्री को लेकर काफी सख्त नियम थे, लेकिन अब सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इतनी बड़ी मात्रा में स्टॉक रखने की अनुमति दे दी गई है। इससे पंपों पर केरोसिन की निरंतर आपूर्ति बनी रहेगी और उपभोक्ताओं को 'आउट ऑफ स्टॉक' जैसी समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा।
बाजार दर पर उपलब्ध होगा केरोसिन
ध्यान देने वाली बात यह है कि पेट्रोल पंपों पर मिलने वाला यह केरोसिन सब्सिडी वाला नहीं होगा। यह गैर-सब्सिडी वाला केरोसिन होगा, जो बाजार की मौजूदा दरों पर बेचा जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस पहल से केरोसिन की कालाबाजारी पर लगाम लगेगी और उन उद्योगों या छोटे व्यवसायों को भी फायदा होगा जिन्हें कम मात्रा में केरोसिन की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, पेट्रोल पंपों पर मिलने वाले तेल की गुणवत्ता भी पूरी तरह से प्रमाणित होगी, जिससे मिलावट की संभावना खत्म हो जाएगी।
सुरक्षा मानकों का करना होगा कड़ा पालन
पेट्रोल पंपों पर केरोसिन की बिक्री और भंडारण के लिए पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन के सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य होगा। पंप संचालकों को केरोसिन के लिए अलग डिस्पेंसिंग यूनिट और अंडरग्राउंड टैंक या विशेष ड्रमों की व्यवस्था करनी होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले समय में, मांग के आधार पर इस सुविधा को जिले के अन्य पंपों तक भी विस्तारित किया जा सकता है।