असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच करोड़ों मतदाता 1900 से अधिक उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे।

Assembly Election 2026: असम, केरलम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की कुल 296 विधानसभा सीटों पर आज सिंगल फेज में मतदान हो रहा है। सुबह 7:00 बजे से शुरू हुई वोटिंग में मतदाताओं का जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, केरलम में सुबह 9:30 बजे तक 14.5% मतदान दर्ज किया जा चुका है, जबकि असम और पुडुचेरी में भी ग्रामीण इलाकों में लंबी कतारें लगी हुई हैं।

केरलम के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, सुपरस्टार मोहनलाल और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा जैसे दिग्गजों ने सुबह-सुबह ही अपने मताधिकार का प्रयोग कर शांतिपूर्ण और भारी मतदान की अपील की है। इन चुनावों के नतीजे 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे।

असम: भाजपा की 'हैट्रिक' की कोशिश और कांग्रेस का महा-गठबंधन 
असम में आज सभी 126 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान हो रहा है।

  • हिमंत बिस्वा सरमा जालुकबारी निर्वाचन क्षेत्र मे वोट डाला। उन्होंने कहा कि असम शांति और विकास के पक्ष में मतदान कर रहा है।
  • ​गौरव गोगोई ने जोरहाट में मतदान किया और राज्य में बदलाव की लहर का दावा किया।
  • ​अतुल बोरा - एजीपी (AGP) प्रमुख ने भी अपने गृह क्षेत्र में मताधिकार का प्रयोग किया।
    Assam Political Demography ( Graphics - Haribhoomi)

वर्तमान में यहां मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (NDA) की सरकार है। 2021 के चुनावों में NDA ने 75 सीटें जीतकर सत्ता पर कब्जा जमाया था, जिसमें भाजपा के अकेले 60 विधायक थे।

इस बार भाजपा अपनी 'हैट्रिक' की उम्मीद में 90 सीटों पर खुद चुनाव लड़ रही है, जबकि बाकी सीटें सहयोगियों के पास हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस बार 'असम सम्मिलिते मोर्चा' नाम से एक विशाल गठबंधन तैयार किया है, जिसमें 15 से अधिक क्षेत्रीय दल शामिल हैं।

कांग्रेस 2021 की अपनी 29 सीटों की संख्या को बढ़ाकर सत्ता में वापसी का ख्वाब देख रही है। असम का यह चुनाव न केवल राज्य की सत्ता तय करेगा, बल्कि 'सीएए' (CAA) और घुसपैठ जैसे बड़े मुद्दों पर जनता की मुहर भी लगाएगा।

सुरक्षा व्यवस्था: पूरे राज्य में 1.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और 31,940 मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।

बहुमत का आंकड़ा: विधानसभा में कुल 126 सीटें हैं, जहाँ सरकार बनाने के लिए जादुई आंकड़ा 64 है।

केरल: वामपंथी किले को बचाने की चुनौती और सत्ता परिवर्तन का रिवाज 

केरलम में सुबह 9:30 बजे तक 14.5% मतदान हुआ है। राज्य के 2.71 करोड़ मतदाता आज 883 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। यहाँ मुख्य मुकाबला वामपंथी गठबंधन (LDF), कांग्रेस नीत UDF और भाजपा नीत NDA के बीच है।

Keralam Political Demography ( Graphics - Haribhoomi)

मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने धर्मदम निर्वाचन क्षेत्र में अपने परिवार के साथ मतदान किया। उन्होंने दावा किया कि LDF विकास की निरंतरता के आधार पर तीसरी बार सत्ता में आएगी।

दक्षिण भारतीय राज्य केरल में आज सभी 140 सीटों पर मतदान हो रहा है। यहाँ की राजनीति हमेशा से 'यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट' (UDF) और 'लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट' (LDF) के इर्द-गिर्द घूमती रही है।

वर्तमान में मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में LDF की सरकार है, जिसने 2021 में 99 सीटें जीतकर चार दशकों के 'सत्ता परिवर्तन' के रिवाज को तोड़कर इतिहास रचा था। इस बार विजयन की नजरें लगातार तीसरी बार जीत पर हैं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF (जिसके पास 2021 में 41 सीटें थीं) इस बार बदलाव की लहर पर सवार होने की कोशिश कर रहा है।

भाजपा नीत NDA भी इस त्रिकोणीय मुकाबले में अपना आधार बढ़ाने और दहाई के आंकड़े तक पहुँचने की जी-तोड़ कोशिश कर रही है।

वोटर प्रोफाइल: कुल 2.71 करोड़ मतदाता हैं, जिसमें महिलाओं का वर्चस्व है। महिला मतदाताओं की संख्या 1.39 करोड़ है, जो पुरुषों (1.32 करोड़) से काफी अधिक है।

बहुमत का आंकड़ा: यहाँ कुल 140 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 71 सीटों की आवश्यकता होती है।

पुडुचेरी: केंद्र शासित प्रदेश में सत्ता के लिए महा-दंगल 
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की 30 विधानसभा सीटों पर आज मतदान हो रहा है। यहाँ वर्तमान में एन. रंगास्वामी के नेतृत्व में AINRC और भाजपा (NDA) की गठबंधन सरकार है। पिछले चुनाव में NDA ने 16 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया था।

Puducherry Political Demography ( Graphics - Haribhoomi)
  • एन. रंगास्वामी: मुख्यमंत्री ने अपने पॉकेट बरो थत्तांचवडी में मतदान किया। वे यहाँ और मंगलम दोनों सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं।
  • ​वी. वैथिलिंगम: लोकसभा सांसद और कांग्रेस नेता ने भी अपना वोट डाला और भाजपा-AINRC गठबंधन को कड़ी चुनौती देने का दावा किया।

इस बार मुकाबला काफी रोचक है क्योंकि कांग्रेस और DMK का 'सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस' (SPA) राज्य की सत्ता में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा है।

पुडुचेरी की राजनीति में क्षेत्रीय मुद्दे और केंद्र के साथ संबंधों की बड़ी भूमिका रहती है। यहाँ के 9.50 लाख मतदाता तय करेंगे कि क्या रंगास्वामी का जादू बरकरार रहेगा या जनता बदलाव का रास्ता चुनेगी।

प्रशासनिक पहल: पुडुचेरी में लोकतंत्र की खूबसूरत तस्वीर दिखी है, जहाँ 30 मतदान केंद्र पूरी तरह महिला कर्मचारियों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

सीटों का गणित: यहाँ की 30 सीटों पर बहुमत के लिए 16 विधायक चाहिए। इसके अलावा 3 सदस्य केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किए जाते हैं।

​चुनाव आयोग की विशेष तैयारी और सुरक्षा तंत्रचुनाव आयोग ने इस बार मतदान प्रतिशत बढ़ाने के लिए अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, इस बार वरिष्ठ नागरिकों (80+) और दिव्यांग मतदाताओं को उनके घर से मतदान केंद्र तक लाने और वापस सुरक्षित छोड़ने के लिए विशेष 'स्वयंसेवकों' की नियुक्ति की गई है।

मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर और रैंप की व्यवस्था को अनिवार्य किया गया है। साथ ही, असम और केरल के संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और माइक्रो-ऑब्जर्वर्स के जरिए निगरानी रखी जा रही है। निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होगा, जिसकी अंतिम मुहर 4 मई को होने वाली मतगणना से लगेगी।