Dates vs Jaggery: रिफाइंड चीनी से दूरी बनाते हुए लोग अब नेचुरल स्वीटनर की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। भारतीय रसोई में दो सबसे लोकप्रिय विकल्प हैं खजूर और गुड़। दोनों को पारंपरिक, पौष्टिक और सफेद चीनी से बेहतर माना जाता है। लेकिन जब बात वजन घटाने की आती है, तो सवाल उठता है कि आखिर इन दोनों में से बेहतर कौन है?
वेट लॉस सिर्फ कैलोरी घटाने का खेल नहीं है, बल्कि यह भी मायने रखता है कि आप क्या और कैसे खा रहे हैं। खजूर और गुड़ दोनों में प्राकृतिक शर्करा होती है, लेकिन इनके पोषक तत्व, फाइबर की मात्रा और शरीर पर प्रभाव अलग-अलग हैं। आइए जानते हैं किसे चुनना ज्यादा समझदारी होगी।
कौन है ज्यादा पोषक?
खजूर एक संपूर्ण फल है, जिसमें फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें मौजूद घुलनशील फाइबर पाचन को धीमा करता है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस कराता है।
वहीं गुड़ गन्ने के रस या ताड़ के रस से तैयार किया जाता है। यह सफेद चीनी की तुलना में कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें आयरन, कैल्शियम व कुछ मिनरल्स मौजूद रहते हैं। हालांकि, प्रोसेसिंग के दौरान इसमें फाइबर लगभग नहीं के बराबर रह जाता है।
सेटिसफेक्शन पर असर
वजन घटाने में सबसे महत्वपूर्ण कारक है भूख पर नियंत्रण। खजूर में मौजूद फाइबर पेट में फैलकर लंबे समय तक तृप्ति देता है। इससे बार-बार स्नैकिंग की आदत कम हो सकती है।
गुड़ में फाइबर कम होता है, इसलिए यह जल्दी पचकर ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। इससे थोड़ी देर बाद फिर से भूख या मीठा खाने की इच्छा हो सकती है।
कैलोरी और पोर्शन कंट्रोल
दोनों ही विकल्प कैलोरी-डेंस हैं। फर्क बस इतना है कि खजूर चबाने में समय लेते हैं, जिससे स्वाभाविक रूप से कम मात्रा में खाए जाते हैं। 1-2 खजूर मीठा खाने की इच्छा शांत कर सकते हैं।
गुड़ को चाय, मिठाइयों या खाने में मिलाना आसान है, जिससे अनजाने में ज्यादा मात्रा का सेवन हो सकता है। छोटा सा टुकड़ा भी अतिरिक्त कैलोरी जोड़ सकता है।
दोनो में कौन है बेहतर?
अगर आपका मुख्य लक्ष्य वजन कम करना है, तो खजूर बेहतर विकल्प माना जा सकता है। इसका फाइबर कंटेंट, बेहतर तृप्ति और नियंत्रित ब्लड शुगर प्रभाव इसे वेट लॉस फ्रेंडली बनाते हैं।
गुड़ भी पोषक है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में और कभी-कभार ही करना चाहिए। इसीलिए दोनों का चयन आपकी डाइट, लाइफस्टाइल और पोर्शन कंट्रोल पर निर्भर करता है।
(Disc।aimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी डॉक्टर/विशेषज्ञ से परामर्श जरूर लें।)
अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए [haribhoomi.com] के साथ।
(लेखक:कीर्ति)
