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Yogasana Benefits: पैरों में ब्लड फ्लो अगर धीमा पड़ने लगा है तो इसके लिए 4 योगासन असरदार हो सकते हैं। आइए जानते हैं इन योगासनों को करने का तरीका।

Yogasana Benefits: पैरों में रक्त प्रवाह अगर धीमा पड़ जाए तो वैरिकोज़ वैन्स, पैरों में झुनझुनी, दर्द आदि समस्याएं उभरने लगती हैं। पैरों में लगातार दर्द बने रहने की बड़ी वजह पैरों का ब्लड फ्लो धीमा हो जाना भी होता है। इस समस्या से निपटने के लिए नियमित वॉकिंग के साथ कुछ योगासन भी फायदेमंद हो सकते हैं। इन योगासनों का नियमित अभ्यास करने से ज्यादातर लोगों को कुछ वक्त में ही अंतर समझ आने लगता है। 

आप भी अगर कुछ इस तरह की समस्या का सामना कर रहे हैं तो कुछ योगासन आपके लिए काफी लाभदायक हो सकते हैं। इन योगासनों को करने से ब्लड फ्लो में सुधार के साथ अन्य सेहत लाभ भी मिलेंगे। 

4 योगासन बढ़ाएंगे पैरों का ब्लड फ्लो

विपरीत करणी (पैर दीवार के सहारे): यह आसन पैरों और टखनों में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसे करने के लिए, दीवार के सामने लेट जाएं और अपने पैरों को दीवार पर सीधा ऊपर की ओर फैलाएं। अपने कूल्हों को दीवार से थोड़ा दूर रखें।

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सेतुबंधासन (सेतुबंध): यह आसन कूल्हों, हैमस्ट्रिंग और पैरों में रक्त प्रवाह को बढ़ावा देता है। इसे करने के लिए, अपनी पीठ पर लेट जाएं, अपने घुटनों को मोड़ें और अपने पैरों को फर्श पर सपाट रखें। अपनी बाहों को अपने पक्षों पर रखें। फिर, अपने कूल्हों को ऊपर उठाएं जब तक कि आपकी पीठ फर्श से 45 डिग्री के कोण पर न हो।

अर्ध मत्स्येन्द्रासन (आधा मछली का आसन): यह आसन रीढ़ की हड्डी, कूल्हों और पैरों में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसे करने के लिए, फर्श पर बैठ जाएं, अपने दाहिने पैर को अपने सामने फैलाएं और अपने बाएं पैर को अपने दाहिने घुटने के ऊपर मोड़ें। अपने बाएं हाथ को अपनी पीठ के पीछे रखें और अपने दाहिने हाथ को अपने बाएं घुटने के बाहर रखें। धीरे-धीरे अपनी रीढ़ को दाईं ओर घुमाएं, अपने दाहिने हाथ को अपनी बाईं बांह के नीचे लाते हुए।

ताड़ासन (ताड़ का पेड़): यह आसन पूरे शरीर को खींचता है और पैरों में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। इसे करने के लिए, अपने पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग रखते हुए खड़े हो जाएं। अपनी बाहों को अपने पक्षों पर रखें और अपनी रीढ़ को सीधा रखें। धीरे-धीरे अपने घुटनों को मोड़ें जैसे कि आप एक कुर्सी पर बैठने जा रहे हों, लेकिन अपने पैरों को फर्श से न छुएं।

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इन बातों का रखें ध्यान

  • अपनी सांस पर ध्यान दें और गहरी, धीमी सांसें लें।
  • अपने शरीर को आराम दें और किसी भी तनाव से बचें।
  • यदि आपको कोई दर्द महसूस हो तो रुक जाएं।
  • यदि आपको कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो योगासन शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
  • नियमित रूप से योगासन करने से पैरों में रक्त प्रवाह बेहतर हो सकता है और थकान, दर्द और सूजन जैसी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ, डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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