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Health Study: तेजी से बदली तकनीक ने हमारे काम के घंटों और तरीकों में भी बड़ा बदलाव कर डाला है। आजकल सिटिंग वर्क काफी ज्यादा होने लगा है और लोग घंटों एक जगह बैठकर काम करते नजर आते हैं। ऑफिस वर्क के नाम पर ये आदत शरीर को गंभीर परेशानियां दे सकती है, यहां तक की इससे मौत का खतरा भी पैदा हो सकता है। हर कोई चाहता है कि इस परेशानी का कुछ हल खोजा जाए। हाल ही में एक स्टडी में सामने आया है कि रोजाना एक्सरसाइज़ लॉन्ग सिटिंग से होने वाली परेशानियों को कम कर सकती है।
22 मिनट रोज़ करें एक्सरसाइज़
आपका अगर सिटिंग वर्क है तो ये स्टडी आपके बेहद काम आ सकती है। स्टडी के मुताबिक रोजाना 22 मिनट की एक्सरसाइज़ करने से मौत के खतरे को कम किया जा सकता है। ब्रिटिश जरनल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में पब्लिश हुई स्टडी के नतीजों में पाया गया है कि रोजाना 22 मिनट की मीडियम से तेज गति की एक्सरसाइज़ लंबी सिटिंग से होने वाले नुकसानों को कम कर सकती है।
क्या कहती है रिसर्च
स्टडी करने वाले लीड ऑथर एडवर्ड सेगेल्व ऑर्कटिक यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्वे के रिसर्चर हैं, जिनकी ताजा रिकमेंडेशन है कि हर हफ्ते 150 मिनट की मध्यम से तेज गति की एक्टिविटी 'लंबे अर्से तक सिटिंग से होने वाले हेल्थ इफेक्ट्स को कम करने में मदद करती है।'
लॉन्ग सिटिंग क्यों है रिस्की?
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक जनरल फिजिशियन डॉ. संजय कुमार कहते हैं कि लंबे वक्त तक बैठने से मौत का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि इससे शरीर को कई तरह के दुष्प्रभावों का सामना करना पड़ता है। इसके चलते मोटापा, कार्डियोवस्कुलर डिजीज, टाइप 2 डायबिटीज और विशेष प्रकार का कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है।
ज्यादा देर तक बैठे रहने से मसल्स इनएक्टिव हो जाती हैं, इसके साथ ही मेटाबॉलिज्म भी कम होने लगता है। ब्लड सर्कुलेशन धीमा होकर इन्फ्लेमेशन भी बढ़ता है, जिससे मौत की आशंका बढ़ जाती है।
