Baby Teething Pain: दांत निकलने की वजह से बच्चा हो रहा है इरिटेट? इन घरेलू तरीकों से मिलेगी राहत

Home remedies for baby teething pain
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बच्चे के दांत आने पर राहत दिलाने वाले घरेलू उपाय।

Baby Teething Pain: बच्चे के दांत निकलने का वक्त बेहद तकलीफभरा हो सकता है। हालांकि ऐसी सूरत में कुछ घरेलू उपाय उसे राहत दिला सकते हैं।

Baby Teething Pain: बच्चे के दांत निकलना उसके विकास का एक अहम पड़ाव होता है, लेकिन यह समय बच्चे और माता-पिता दोनों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। दांत निकलते वक्त बच्चे को मसूड़ों में दर्द, चिड़चिड़ापन, ज्यादा रोना और नींद न आना जैसी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।

ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। कुछ आसान और सुरक्षित घरेलू उपाय अपनाकर आप बच्चे को इस तकलीफ से काफी हद तक राहत दिला सकते हैं। ये तरीके न सिर्फ दर्द कम करते हैं, बल्कि बच्चे को शांत और आराम महसूस कराने में भी मदद करते हैं।

घरेलू उपायों से मिलेगी राहत

ठंडी चीज़ से मसूड़ों की मालिश: दांत निकलते समय मसूड़ों में सूजन और जलन होती है। ऐसे में साफ कपड़े में बर्फ लपेटकर या ठंडे चम्मच से हल्के हाथों से मसूड़ों की मालिश करें। ठंडक से दर्द और सूजन में राहत मिलती है। ध्यान रखें कि बर्फ सीधे बच्चे के मुंह में न डालें।

साफ उंगली से मसूड़ों को दबाएं: अपने हाथ अच्छे से धोकर साफ उंगली से बच्चे के मसूड़ों पर हल्का दबाव डालें। यह दबाव दांत निकलने से होने वाली बेचैनी को कम करता है और बच्चे को कुछ देर के लिए आराम देता है। यह तरीका तुरंत राहत देने वाला माना जाता है।

टीथर का सही इस्तेमाल: मार्केट में मिलने वाले सेफ और BPA-फ्री टीथर बच्चे के लिए काफी फायदेमंद होते हैं। इन्हें कुछ देर फ्रिज में रखकर बच्चे को दें। ठंडा टीथर मसूड़ों को ठंडक देता है और खुजली व दर्द को कम करता है।

स्तनपान या बोतल से दूध पिलाएं: दांत निकलते समय बच्चा ज्यादा चिड़चिड़ा हो जाता है। ऐसे में स्तनपान या बोतल से दूध पिलाने से उसे सुकून मिलता है। चूसने की प्रक्रिया से मसूड़ों का दर्द कुछ हद तक कम हो जाता है और बच्चा शांत महसूस करता है।

गुनगुने पानी से साफ सफाई: बच्चे के मुंह और मसूड़ों की साफ-सफाई बहुत जरूरी होती है। साफ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर मसूड़ों को हल्के हाथ से पोंछें। इससे बैक्टीरिया कम होते हैं और इंफेक्शन का खतरा भी घटता है।

ध्यान और प्यार सबसे बड़ा इलाज: दांत निकलते समय बच्चे को ज्यादा प्यार और ध्यान की जरूरत होती है। उसे गोद में लेना, बातें करना और लोरी सुनाना भी उसकी बेचैनी को कम करने में मदद करता है। माता-पिता का स्पर्श बच्चे को सबसे ज्यादा राहत देता है।

(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)

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