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घंटों करते हैं कंप्यूटर पर काम तो ध्यान रखें इन बातों का

हाल की कई रिपोर्ट्स से यह पता चला है कि कंप्यूटर इस्तेमाल करने वाले करीब 80 फीसदी लोगों में आई स्ट्रेन के लक्षण पाए जाते हैं

घंटों करते हैं कंप्यूटर पर काम तो ध्यान रखें इन बातों का

नई दिल्ली. आजकल ऑफिस में ज्यादातर काम कंप्यूटर पर ही होते हैं। बहुत से लोगों को अपनी जॉब के सिलसिले में हर दिन कई घंटे तक कंप्यूटर स्क्रीन पर आंखें गड़ाए रहना पड़ता है। ऐसे ज्यादातर लोग अक्सर आंखों के बहुत थक जाने या सिरदर्द की शिकायत करते हैं। असल में इस तरह से आपका शरीर आपको यह संकेत देता है कि आपकी आंखों को आराम की जरूरत है, इसलिए इन संकेतों को आपको बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आंखें कुदरत की ऐसी नियामत हैं जिन्हें आपको बहुत सहेज कर रखना होगा।

हाल की कई रिपोर्ट्स से यह पता चला है कि कंप्यूटर इस्तेमाल करने वाले करीब 80 फीसदी लोगों में आई स्ट्रेन के लक्षण पाए जाते हैं। यह काफी चिंताजनक बात है, क्योंकि इससे किसी व्यक्ति की कार्यक्षमता और उसके स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। आंखों की देखभाल से जुड़े पेशेवर लोग आई स्ट्रेन के लिए एस्थेनोपिया शब्द का इस्तेमाल करते हैं। दृष्टि विज्ञान के शब्दकोश में एस्थेनोपिया का मतलब असहजता, दर्द और (उत्तेजित) परेशान करने वाली दृष्टि की शिकायत से है। नियम 20-20-20: 20-20-20 नियम काफी प्रभावी है और इससे आई स्ट्रेन कम होता है। नियम यह है कि हर 20 मिनट के बाद स्क्रीन से अपनी नजरें हटाकर कम से कम 20 फीट की दूरी पर स्थित किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखें। हालांकि, यह हर बार ब्रेक लेने के लिए यह ट्रैक करना थोड़ा मुश्किल है कि 20 मिनट कब होते हैं, खासकर तब आप जब काम में व्यस्त हों, इसलिए हमारा सुझाव है कि आप इसके लिए एक मुफ्त डाउनलोड होने वाले ऐप प्रोटेक्ट योर विजन का इस्तेमाल करें, जो आपको तय समय अंतराल पर ब्रेक लेने की याद दिलाता रहेगा।

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