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Missed Periods: कई बार महिलाओं को पीरियड नहीं आने पर एक समस्या बन जाती है। उन्हें ऐसा एहसास होने लगता है, कि कहीं वे प्रेग्ननेंट तो नहीं हो रही हैं। हालांकि एक-दो महीने पीरियड मिस होना सामान्य बात है। लेकिन पीरियड्स न होने की मुख्य वजह गर्भपात भी हो सकता है। अगर पीरियड्स दो महीने से अधिक लेट हो रहा है और आप प्रेग्नेंट भी नहीं हो रहे हैं, ऐसे में आपको डाक्टर की सलाह जरूरी है। यह गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। अगर आप भी पीरियड्स नहीं आने से परेशान हो रहे हैं, तो जानें पीरियड्स से जुड़ी मुख्य वजह, नहीं आप भी अनदेखी करने पर गंभीर बीमारियों का शिकार हो सकते है। जो आपकी सेहत को प्रभावित कर सकता है।

पीरियड्स नहीं आने के कारण
हेल्थ एक्सपट्रर्स के मुताबिक 21 से 30 दिनों तक का पीरियड साइकिल आम होता है। अगर 6 सप्ताह या उससे अधिक समय से पीरियड नहीं आया है, तो इसका मतलब पीरियड्स मिस हो गए हैं। हालांकि कभी-कभी बढ़ती उम्र के कारण भी पीरियड्स मिस होता है। जब उम्र 45 से 55 के बीच होती है।

शरीर पर पड़ता है सीधा असर
तनाव (Stress) भी पीरियड लेट होने का कारण हो सकता है, जो शरीर को प्रभावित करता है। इसके कारण सोना, खाना, पीना जैसे कार्य प्रभावित होते है, साथ ही पीरियड्स आने में लेट करता है। अत्यधिक तनावग्रस्त होने पर 20 से 40 वर्ष की उम्र में महिलाओं में मासिक धर्म चक्र पर सीधा प्रभाव पड़ता है। यदि आप हर समय तनावग्रस्त रहती हैं। तो आपका पीरियड्स पूरी तरह रुक सकता है। तनावग्रस्त शरीर अधिक कोर्टिसोल हार्मोन बनाता है। जो आपके मस्तिष्क पर उस हिस्से को असर कर सकता है। यह मासिक धर्म को संरक्षित कर सकता है।

डाइट में अनदेखी 
कई बार महिला का वजन कम या अधिक होने से भी पीरियड्स मिस हो सकती है। इसके अलावा पेट में बच्चा होने और डाइट में अनदेखी के कारण भी पीरियड्स आने में बाधा होती है। जिसका शरीर में बुरा प्रभाव पड़ता है। अगर आपके पीरियड्स में ब्लीड़िग समस्या है, तो आपको खान-पान में बदलाव करना चाहिए। ताकि गंभीर बीमारी आने से बचा जा सके।

लंबे समय से रोग
कुछ महिलाओं को स्थायी बीमारी सूजन रोग, थायराइड और कुछ दवाओं के सेवन से पीरियड्स मिस हो जाते है। गर्भनिरोधक गोलियां के सेवन से जन्म नियंत्रण ग्रन्थिं में बाधा आती है। इन दवाओं के वजह से तीन माह या उससे अधिक माह तक पीरियड्स नहीं आता। गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन कुछ महिलाएं जल्दी मां ना बनने के लिए करती हैं। जन्म नियंत्रण के कई रूप ओव्यूलेशन को प्रभावित करने के लिए हार्मोन पर निर्भर करते हैं। कई बार तो इन दवाओं का असर ऐसा होता है, कि तीन या उससे भी अधिक माह तक पीरियड्स नहीं होता है।

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क जरूर करें।)

इक्षांत उर्मलिया