Rajasthan Paper Leak: राजस्थान में थर्ड ग्रेड शिक्षक भर्ती-2022 में स्पोर्ट्स कोटे के नाम पर हुए बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने राजस्थान और हरियाणा के 15 ठिकानों पर छापेमारी कर 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें 19 ऐसे अभ्यर्थी शामिल हैं जिन्होंने ताइक्वांडो के जाली प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षक की नौकरी हासिल कर ली थी।
एक स्पेलिंग की गलती से खुला फर्जीवाड़े का राज
SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि इस पूरे खेल का खुलासा एक छोटी सी गलती से हुआ। भीलवाड़ा में तैनात एक पीटीआई योगेंद्र कुमार के मोबाइल से एक ईमेल का स्क्रीनशॉट मिला था, जिसे ताइक्वांडो फेडरेशन की ओर से भेजा गया बताया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि ईमेल में 'Secretary' की स्पेलिंग गलत लिखी थी। इतने बड़े फेडरेशन की आधिकारिक मेल में ऐसी गलती ने टीम का माथा ठनका दिया और जांच की दिशा बदल गई।
दुबई से ऑपरेट हो रही थी फर्जी ईमेल आईडी
तकनीकी विश्लेषण में पता चला कि जिस ईमेल आईडी से सर्टिफिकेट्स का वेरिफिकेशन भेजा गया था, वह दुबई में बनाई गई थी। इसे विमलेंदु कुमार झा नाम का व्यक्ति ऑपरेट कर रहा था। ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के रिकॉर्ड में इस नाम का कोई पदाधिकारी नहीं मिला। SOG ने विमलेंदु और उसके साथी रवि शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से वह सिम कार्ड भी बरामद हुआ है जिससे फर्जी ईमेल आईडी बनाई गई थी।
14 जिलों में छापेमारी, 5 दलाल रडार पर
SOG ने जोधपुर, जालौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं, नागौर, बालोतरा और फलोदी सहित कई जिलों में छापेमारी की। जांच में सामने आया है कि 5 दलालों ने मोटी रकम लेकर इन अभ्यर्थियों को फर्जी सर्टिफिकेट उपलब्ध कराए थे। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन अभ्यर्थियों से कुल कितनी रकम वसूली गई और यह पैसा ऊपर तक किसे भेजा गया।
पिछले 5 सालों की भर्तियों की हो रही जांच
SOG फिलहाल राजस्थान में पिछले पांच वर्षों में हुई सभी सरकारी भर्तियों की बारीकी से जांच कर रही है। स्पोर्ट्स कोटे में हुए इस फर्जीवाड़े के बाद अब अन्य खेलों के सर्टिफिकेट्स पर भी संदेह की सुई घूम गई है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को जयपुर लाया गया है, जहाँ उनसे कड़ी पूछताछ की जा रही है।