CLAT UG 2025: क्लैट CLAT (कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट) 2025 को लेकर उठे विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज सहित सभी संबंधित पक्षों को नोटिस भेजकर एक हफ्ते में जवाब मांगा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी।
बता दें कि CLAT UG परीक्षा 1 दिसंबर 2024 को आयोजित हुई थी और इसके नतीजे 7 दिसंबर को आए थे। इसके बाद सैकड़ों छात्रों ने कई हाईकोर्ट्स का दरवाजा खटखटाया, यह दावा करते हुए कि प्रश्नपत्र में कई गलत उत्तर शामिल थे। इन शिकायतों के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाएं दिल्ली हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दी थीं।
क्या कहा दिल्ली हाईकोर्ट ने?
23 अप्रैल को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कोर्ट ने कंसोर्टियम को आदेश दिया कि वो सभी छात्रों की उत्तरपुस्तिकाओं की दोबारा जांच करे और चार हफ्तों के अंदर संशोधित फाइनल लिस्ट प्रकाशित करे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रश्नों को लेकर आपत्तियां सही पाई गईं, उनका लाभ उन सभी छात्रों को मिलना चाहिए जिन्होंने उन्हें हल किया था।
PG उम्मीदवारों का मामला अब भी लंबित
जहां UG परीक्षा से संबंधित फैसले आगे बढ़ चुके हैं, वहीं CLAT PG 2025 से जुड़ी याचिकाएं अब भी दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित हैं। पहले भी हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उत्तर कुंजी को लेकर कंसोर्टियम को दो प्रश्नों पर परिणाम संशोधित करने का निर्देश दिया था।
क्या इसका असर सभी छात्रों पर पड़ेगा?
सुप्रीम कोर्ट का दखल CLAT परीक्षा की पारदर्शिता और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है। अगर कोर्ट कंसोर्टियम के खिलाफ फैसला देता है, तो कई छात्रों के लिए दोबारा चयन की उम्मीद जाग सकती है।