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सीबीएसई परीक्षा आवेदन में सुधार करने का छात्रों इस बार मौका नहीं मिलेगा

सीबीएसई ने सभी स्कूल प्रबंधन को इस संदर्भ में सख्त निर्देश दे दिए हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड का परीक्षा फॉर्म भराया जा रहा है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि सभी स्कूल प्रबंधन जितने भी छात्रों का फॉर्म भर रहे हैं, वह उसे सही से चेक कर लें, क्योंकि इस बार सुधार का दूसरा मौका नहीं मिलेगा।

छात्रों के नाम, पते से लेकर परीक्षा फॉर्म में भरी गई अन्य जानकारी में सुधार करने का इस बार मौका नहीं मिलेगा
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सीबीएसई बोर्ड (प्रतीकात्मक फोटो)

सीबीएसई ने सभी स्कूल प्रबंधन को इस संदर्भ में सख्त निर्देश दे दिए हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड का परीक्षा फॉर्म भराया जा रहा है। बोर्ड ने निर्देश दिया है कि सभी स्कूल प्रबंधन जितने भी छात्रों का फॉर्म भर रहे हैं, वह उसे सही से चेक कर लें, क्योंकि इस बार सुधार का दूसरा मौका नहीं मिलेगा।

सीबीएसई के मुताबिक अब तक परीक्षा फॉर्म भरने के बाद दिसंबर में सुधार का एक मौका छात्रों को दिया जाता था। एलओसी भेजने के बाद भी अगर फॉर्म में किसी तरह की गड़बड़ी रहती थी तो उसमें सुधार कर दिया जाता था। इस बार 10वीं-12वीं बोर्ड के परीक्षा फॉर्म भरने के नियम में बदलाव किया गया है। सभी बदलाव कोरोना के कारण उत्पन्न हुई परिस्थितियों को देखते हुए ही किए गए हैं।

फाेन के जरिए डाटा मिलान

संक्रमण के चलते स्कूल बंद हैं। विगत वर्षों में अब तक छात्रों से डाटा चेक करा लिया जाता था, लेकिन इस बार परेशानी हो रही है। कई बार डाटा मिलान करने के बाद फोन कर छात्रों से जानकारी ली जा रही है। इस बार सुधार का मौका नहीं मिलना है। ऐसे में दिक्कत है कि कहीं कुछ त्रुटि न रह जाए। गौरतलब है कि काेरोना के कारण इस बार 9वीं-11वीं के रजिस्ट्रेशन के साथ ही बोर्ड कक्षाओं के फॉर्म जमा करने की तारीखों में भी वृद्धि की गई है। तमाम मुश्किलों के बीच सीबीएसई मार्च माह से परीक्षाएं आयोजित कराने की तैयारी में है। ऐसे में यदि सीबीएसई द्वारा फॉर्म में सुधार का दोबारा मौका दिया जाता है तो परीक्षा कार्यों में विलंब हो सकता है। इसलिए इस बार यह विकल्प हटाया जा रहा है।

डिजिटल फाॅर्म ने डाला मुश्किल में

परीक्षा फॉर्म पर डिजिटल हस्ताक्षर ने सीबीएसई स्कूल के निदेशकों और प्राचार्य को मुश्किल में डाल दिया है। 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए नए तरीके बनाए गए हैं, लेकिन फॉर्मेट पुराना ही है। गौरतलब है कि सीबीएसई ने मौजूदा सत्र से ही स्कूल प्राचार्य के डिजिटल हस्ताक्षर की शुरुआत की है। यही नहीं, इस बार बच्चों के हस्ताक्षर भी फॉर्म पर नहीं लेने हैं और न ही अभिभावकों के हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। सीबीएसई के मुताबिक सभी प्राचार्यों को एलओसी भरने के बाद डिजिटल हस्ताक्षर करना है, लेकिन सॉफ्टवेयर अपडेट नहीं होने के कारण डिजिटल हस्ताक्षर नहीं हाे पा रहे हैं। जो फॉर्म फिलहाल मौजूद है, उसमें अभिभावकों के हस्ताक्षर का कॉलम आ रहा है। इस कारण फार्म भरने पर दिक्कतें सामने आ रही हैं।

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