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Career Advice: मैथ्स में टीचिंग के मौजूद हैं अच्छे ऑप्शन, इन क्षेत्रों में बनाएं आपना करियर

अधिकतर छात्रों को अपने करियर क्षेत्र चुनने के लिए परेशानी होती है। छात्र यह नहीं तय कर पाते हैं कि उनका करियर किस क्षेत्र में सफल रहेगा।

Career Advice: मैथ्स में टीचिंग के मौजूद हैं अच्छे ऑप्शन, इन क्षेत्रों में बनाएं आपना करियर

अधिकतर छात्रों को अपने करियर क्षेत्र चुनने के लिए परेशानी होती है। छात्र यह नहीं तय कर पाते हैं कि उनका करियर किस क्षेत्र में सफल रहेगा। इस के लिए हमारे करियर एक्सपर्ट ज्ञान प्रकाश ने से जान सकते हैं कि किस क्षेत्र में उनका करियर सफल रहेगा। ज्ञान प्रकाश ने कुछ छात्रों को सुझाव दिए हैं वे इस प्रकार हैं।

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मैं दिल्ली विवि में बीएससी ऑनर्स (मैथ्स) सेकेंड ईयर की स्टूडेंट हूं। मैं जानना चाहती हूं कि इसके बाद मेरे लिए करियर के क्या ऑप्शंस होंगे? क्या इसी सब्जेक्ट से मैं सिविल सर्विसेज एग्जाम की तैयारी भी कर सकती हूं? कृपया विस्तार से गाइड करें। -भाव्या गर्ग

मैथ्स के जानकारों और इसमें उच्च योग्यता रखने वालों की जरूरत आईटी सेक्टर से लेकर एविएशन, मिसाइल टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चर आदि तक सबमें होती है। अगर इस सब्जेक्ट में गहरी रुचि है, तो आप इसमें खुद को गणितज्ञ के रूप में आगे बढ़ा सकती हैं।

एक आकर्षक विकल्प टीचिंग का भी है। आप मैथ्स में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद यूजीसी/सीएसआईआर द्वारा साल में दो बार आयोजित नेट क्वालिफाई करके यूनिवर्सिटी/कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए आवेदन कर सकती हैं।

पीजी के बाद एमफिल/पीएचडी करके अपनी योग्यता और बढ़ा सकती हैं। अगर ग्रेजुएशन स्तर के मैथ्स के सिलेबस पर पूरा कमांड है तो आप इसे एक सब्जेक्ट के रूप में लेकर सिविल सर्विसेस की तैयारी भी कर सकती हैं।

मैंने आर्ट्स स्ट्रीम से बारहवीं 69 प्रतिशत अंकों से पास किया है। मेरी रुचि पॉलिटिकल साइंस और ज्योग्राफी में है। मैं आगे किस सब्जेक्ट से पढ़ाई करूं, जिससे आगे बेहतर करियर बना सकूं? -मुजीबुद्दीन कादरी

उक्त दोनों ही विषयों में सरकारी और निजी दोनों ही क्षेत्रों में अच्छी संभावनाएं हैं, क्योंकि दोनों ही विषयों की प्रासंगिकता हमेशा होती है। अगर आप ग्रेजुएशन के बाद यूपीएससी या स्टेट पीएससी की प्रतियोगिता परीक्षाएं देना चाहते हैं, तो इसके लिए दोनों विषय बेहतर हैं। अगर टीचिंग में रुचि है तो पॉलिटिकल साइंस या ज्योग्राफी दोनों में से किसी एक में पीएचडी या यूजीसी/नेट करके विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ज्योग्राफी में उच्च शिक्षा हासिल करके मौसम विभाग, आईसीएआर, प्राइवेट वेदर एजेंसीज, सीड्स/एग्रीकल्चर रिसर्च से जुड़ी संस्थाओं में जॉब पाने का विकल्प होता है। दोनों विषयों में जिसमें सबसे ज्यादा रुचि हो, उसमें खुद को आगे बढ़ा सकते हैं। हां, इतना जरूर ध्यान रखें कि जो विषय चुनें, उसमें सिर्फ किताबों के भरोसे रहने की बजाय खुद को अखबारों, पत्रिकाओं, इंटरनेट की मदद से अपडेट रखने का लगातार प्रयास करें।

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मैं 11वीं क्लास में हूं। मैं यह जानना चाहता हूं कि कॉमर्स स्ट्रीम में सीए, सीएस और मैनेजमेंट के अलावा अन्य क्या ऑप्शंस हैं? इस स्ट्रीम के जरिए मुझे गवर्नमेंट जॉब कैसे मिल सकती है? कृपया विस्तार से बताएं। -शुभांशु नायडू, ईमेल से

जहां तक गवर्नमेंट सेक्टर की बात है, तो कॉमर्स स्ट्रीम से कम से कम ग्रेजुएशन करके आप नीति आयोग (पूर्व नाम योजना आयोग), इंडियन स्टेटिस्टिकल इंस्टीट्यूट कोलकाता, केंद्रीय सांख्यिकी संगठन के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों में जॉब का विकल्प है।

इसके लिए इन संस्थानों द्वारा समय-समय पर अपनी वेबसाइट्स और समाचार पत्रों के जरिए विज्ञापन निकाले जाते हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पीओ बनने का विकल्प भी है, जो रिटेन एग्जामिनेशन क्वालिफाई करके बना जा सकता है। आप स्वयं डिसाइड कर लें फिर पूरे कॉन्फिडेंस से उस दिशा में बढ़ें।

मैंने इंटर पास किया है। मेरा सेलेक्शन मैकेनिकल ट्रेड में आईटीआई में और टेक्सटाइल स्पिनिंग ट्रेड में पॉलीटेक्निक में हुआ है। मुझे कौन-सा कोर्स ज्वाइन करना चाहिए? -प्रकाश चंद, झज्जर

मेक इन इंडिया अभियान के बाद मैकेनिकल और टेक्सटाइल में रोजगार के मौके और बढ़ते जा रहे हैं। हालांकि आईटीआई की बजाय पॉलिटेक्निक से डिप्लोमा कहीं अधिक उच्च योग्यता है, जिसके आधार पर आपको टेक्सटाइल इंडस्ट्री में अच्छी जॉब मिल सकती है।

अपने प्रदर्शन से आप तरक्की की सीढ़ियां भी चढ़ सकते हैं। आप अपनी रुचि का अच्छी तरह विश्लेषण कर लें कि किसमें आपका ज्यादा मन लग सकता है। उसके बाद ही कोई अंतिम निर्णय करें।

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