VerSe Innovation CPTO Prasanna Prasad: भारत की प्रमुख AI आधारित लोकल लैंग्वेज टेक्नोलॉजी कंपनी 'VerSe Innovation' ने प्रसन्ना प्रसाद को अपना नया चीफ प्रोडक्ट एंड टेक्नोलॉजी ऑफिसर (CPTO) नियुक्त करने की घोषणा की है। VerSe Innovation, जो डेलीहंट (Dailyhunt) और जोश (Josh) जैसे लोकप्रिय ऐप्स की पैरेंट कंपनी है, इस नियुक्ति के जरिए अपनी तकनीकी क्षमताओं और AI विजन को और मजबूत करना चाहती है।
इंजीनियरिंग और डेटा साइंस की संभालेंगे कमान
अपनी नई भूमिका में प्रसन्ना प्रसाद कंपनी के इंजीनियरिंग, प्रोडक्ट और डेटा साइंस विभागों का नेतृत्व करेंगे। उनका मुख्य कार्य VerSe के सभी प्लेटफॉर्म्स, जिसमें NexVerse.ai और Magzter भी शामिल हैं, में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित इनोवेशन को एकीकृत करना होगा। वे कंपनी के इंटेलिजेंस सिस्टम को इस तरह विकसित करेंगे जिससे यूजर्स को और भी बेहतर और पर्सनलाइज्ड अनुभव मिल सके।
दो दशकों का शानदार अनुभव
प्रसन्ना प्रसाद के पास प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और बड़े प्लेटफॉर्म डेवलपमेंट में 20 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है। उन्होंने भारत, अमेरिका और यूरोप में ग्लोबल टीमों का नेतृत्व किया है। VerSe से जुड़ने से पहले वे 'Verve Group Inc' में CTO और हेड ऑफ प्रोडक्ट व AI के पद पर कार्यरत थे। वहां उन्होंने 200 से अधिक सदस्यों वाली टीम को लीड करते हुए डेटा साइंस और ऑटोमेशन के क्षेत्र में अहम काम किया।
कंटेंट क्रिएटर और विज्ञापन पर होगा फोकस
VerSe Innovation में प्रसन्ना का ध्यान मुख्य रूप से कंटेंट क्रिएटर इकोसिस्टम और डिजिटल एडवर्टाइजिंग को अधिक स्मार्ट बनाने पर होगा। वे ऐसे सिस्टम तैयार करेंगे जिससे क्रिएटर्स को बेहतर कंटेंट बनाने में मदद मिले और ब्रांड्स को विज्ञापन के माध्यम से सटीक परिणाम प्राप्त हों। कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा मजबूत इंटेलिजेंस सिस्टम बनाना है जो यूजर्स की पसंद को बारीकी से समझ सके।
को-फाउंडर ने जताई खुशी
VerSe Innovation के को-फाउंडर उमंग बेदी ने इस नियुक्ति पर कहा कि आज के दौर में AI डिजिटल प्लेटफॉर्म के निर्माण और ग्रोथ का अनिवार्य हिस्सा बन गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रसन्ना के गहरे तकनीकी अनुभव और लीडरशिप से कंपनी का टेक्नोलॉजी बेस काफी मजबूत होगा। यह बदलाव कंटेंट और एडवर्टाइजिंग के अगले दौर की ग्रोथ के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा।
टेक्नोलॉजी से कम होगा डिजिटल गैप
प्रसन्ना प्रसाद ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि बड़े होते प्लेटफॉर्म्स के लिए टेक्नोलॉजी सिर्फ एक सपोर्ट सिस्टम नहीं बल्कि एक बड़ा अंतर पैदा करने वाला कारक है। उनका फोकस सिस्टम को अधिक सटीक और स्थिर बनाने पर होगा। गौरतलब है कि VerSe Innovation शुरुआत से ही मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग जैसी तकनीकों के जरिए करोड़ों भारतीयों की कंटेंट जरूरतों को उनकी अपनी भाषा में पूरा करने का काम कर रही है।