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आधार पर तुरंत लोन, ये लाइन आपने कई बार विज्ञापनों में देखी होगी। सुनने में लगता है कि सिर्फ आधार अपलोड करो और पैसा मिल जाएगा। लेकिन असलियत थोड़ी अलग है। आधार सिर्फ आपकी पहचान और केवायसी के लिए होता है। लोन देने से पहले बैंक या एनबीएफसी आपकी उम्र, आय, बैंक डिटेल और चुकाने की क्षमता जरूर जांचते हैं। अगर कोई बिना जांच के लोन देने का दावा करे, तो सतर्क हो जाइए।
छोटा लोन लेने से पहले सबसे जरूरी है कि आप तय करें कि वास्तव में कितनी रकम चाहिए। अक्सर लोग जरूरत से ज्यादा पैसे ले लेते हैं और बाद में ईएमआई का बोझ बढ़ जाता है। 5000 से 50000 रुपये तक का लोन लेते समय पहले सोचें, 3 महीने में चुका पाएंगे या 6 महीने में? सिर्फ ईएमआई नहीं, कुल भुगतान कितना होगा, ये जरूर देखें।
लोन लेने से पहले सही और भरोसेमंद संस्था चुनना बेहद जरूरी है। हमेशा बैंक या आरबीआई-रजिस्टर्ड एनबीएफसी से ही लोन लें। अगर किसी ऐप से लोन ले रहे हैं तो जांच लें कि वह किसी रेगुलेटेड लेंडर से जुड़ा है या नहीं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर डिजिटल लेंडिंग ऐप्स की सूची मिल जाती है। साथ ही, अगर ऐप आपके कॉन्टैक्ट्स, फोटो या कॉल लॉग की परमिशन मांगे, तो सावधान हो जाएं, ये खतरे की घंटी हो सकती है।
आवेदन प्रक्रिया आमतौर पर आसान होती है। मोबाइल नंबर और ओटीपी से शुरुआत होती है, फिर पैन कार्ड, नौकरी, आय और बैंक डिटेल भरनी होती है। आधार से ई-केवायसी या वीडियो वेरिफिकेशन किया जाता है, जो कुछ मिनट में पूरा हो जाता।
लोन लेने से पहले फैक्ट स्टेटमेंट जरूर पढ़ें। इसमें ब्याज दर, प्रोसेसिंग फीस, कुल भुगतान और लेट फीस की जानकारी होती है। कई बार 20 हजार का लोन फीस और ब्याज मिलाकर 25 हजार से ज्यादा बन जाता है। अगर रकम ज्यादा लगे, तो फैसला रोक दें।
कुछ लेंडर कूलिंग-ऑफ पीरियड भी देते हैं, जिसमें आप जल्दी पैसा लौटाकर लोन कैंसल कर सकते हैं। पैसा हमेशा सीधे बैंक खाते में आए और भुगतान भी आधिकारिक चैनल से ही करें। किसी एजेंट या निजी यूपीआई पर पैसे भेजने से बचें। याद रखें, आधार सिर्फ पहचान का साधन है, लोन की गारंटी नहीं। समझदारी से उधार लें, नियम पढ़ें और जल्द भुगतान करें।
(प्रियंका कुमारी)
