13 अप्रैल को शेयर बाजार में शुरुआती गिरावट के बाद जोरदार रिकवरी दिखी, सेंसेक्स दिन के निचले स्तर से 1100 अंक तक उछल गया। हालांकि अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ।

मुंबई। शेयर बाजार में 13 अप्रैल को शुरुआती बड़ी गिरावट के बाद आंशिक रिकवरी देखने को मिली। दिन की शुरुआत कमजोर रही, लेकिन निचले स्तरों पर खरीदारी बढ़ने से बाजार संभल गया। सेंसेक्स अपने इंट्राडे लो से करीब 1100 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी में भी लगभग 1.5% की रिकवरी दर्ज की गई। बैंक निफ्टी ने भी करीब 2.5% की बढ़त के साथ सुधार दिखाया। हालांकि दोपहर 1:58 बजे तक सेंसेक्स अभी भी 498 अंक की गिरावट के साथ 77,052 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं निफ्टी 150 अंक गिरावट के साथ 23,900 के करीब आ गया। बाजार बंद होते समय सेंसेक्स 702.68 अंक की गिरावट के साथ 76,847.57 पर था, जबकि निफ्टी 207.95 अंक की गिरावट के साथ 23,842.65 पर था। 

निफ्टी गिरावट में बंद हुआ। इसमें आज सप्ताह के पहले दिन निचले स्तर पर अच्छी खरीदारी देखने को मिली।

निचले स्तरों पर खरीदारी से मिला सहारा
बाजार में गिरावट के दौरान निवेशकों ने निचले स्तरों पर खरीदारी शुरू की, जिसे वैल्यू बायिंग कहा जाता है। इससे निफ्टी ने 23,500 के स्तर के आसपास मजबूत सपोर्ट लिया और ऊपर की ओर बढ़ा। रियल्टी और मेटल सेक्टर में लगभग 1% की रिकवरी देखी गई। हालांकि निफ्टी 50 के केवल कुछ ही शेयर हरे निशान में रहे। आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में 2% से ज्यादा की तेजी आई, जबकि एचडीएफसी बैंक दबाव में रहा। रिन्यूएबल एनर्जी और हेल्थकेयर सेक्टर के कुछ शेयरों में खरीदारी देखी गई। इसके बावजूद बाजार का समग्र रुख पूरी तरह सकारात्मक नहीं बन पाया।

ब्रॉडर मार्केट और सेक्टर का प्रदर्शन मिला-जुला
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने मुख्य सूचकांकों की तुलना में बेहतर स्थिरता दिखाई। इन इंडेक्स में गिरावट 1% से कम रही, जो बाजार में कुछ मजबूती का संकेत है। ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में रहे, लेकिन एनर्जी और मीडिया इंडेक्स में हल्की बढ़त दर्ज हुई। ऑटो सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहा, जिसमें करीब 2% की गिरावट आई। मारुति, आयशर मोटर्स और हीरो मोटोकॉर्प जैसे शेयरों में लगभग 5% तक की गिरावट देखी गई। तेल कंपनियों जैसे बीपीसीएल, एचपीसीएल और इंडियन ऑयल के शेयर भी 2–4% तक टूटे। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी इसका प्रमुख कारण रही।

सेंसेक्स के 30 शेयरों में 27 शेयर गिरावट में बंद हुए। सेंसेक्स के कुल 3 शेयर ही हरे निशान में बंद होने में सफल हुए।

विदेशी निवेश और तकनीकी स्तर बने अहम फैक्टर
संस्थागत निवेशकों की बात करें तो विदेशी निवेशकों ने 10 अप्रैल को करीब 672 करोड़ रुपये की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों ने भी लगभग 410 करोड़ रुपये का निवेश किया, जिससे बाजार को सहारा मिला। म्यूचुअल फंड में निवेश और SIP फ्लो भी मजबूत बने हुए हैं, जो सकारात्मक संकेत है। तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,500 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर यह स्तर टूटता है तो बाजार में और गिरावट आ सकती है। वहीं 23,990 के आसपास रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है, जहां बिकवाली बढ़ सकती है। कुल मिलाकर, बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव के बीच सीमित रिकवरी का रुख बना हुआ है।