Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआत लाल निशान में हुई थी। लेकिन सेंसेक्स और निफ्टी ने दिन के निचले स्तर से जोरदार वापसी की।एफआईआई की खरीदारी, कच्चे तेल में गिरावट और कम होती अस्थिरता से बाजार को सहारा मिला।

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को  दिन के निचले स्तर से दमदार वापसी की। सुबह गिरावट के बाद दोपहर तक तस्वीर पूरी तरह बदल गई। दोपहर 3 बजे तक सेंसेक्स अपने दिन के लो से 585 अंकों की रिकवरी करते हुए 83749.30 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी-50 भी 183 अंक संभलकर 25828.05 पर कारोबार करता दिखा। बाजार ने लगातार तीसरे सत्र में बढ़त दर्ज की।

आखिर क्यों बाजार में रिकवरी आई। आइए समझते हैं। 

एफआईआई की वापसी
एनएसई के आंकड़ों के मुताबिक 17 फरवरी को विदेशी निवेशक (FII) फिर से खरीदारी के मूड में दिखे। उन्होंने 995 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशक भी पीछे नहीं रहे और 187 करोड़ रुपये की नेट खरीदारी की। लगातार दो दिन की बिकवाली के बाद एफआईआई का खरीदार बनना बाजार के लिए बड़ा सकारात्मक संकेत है।

वैल्यू बाइंग का असर
पिछले दो सत्रों में गिरावट के बाद कई शेयर आकर्षक स्तर पर आ गए थे। निवेशकों ने इसे मौके के रूप में लिया। भारत-अमेरिका ट्रेड डील की शुरुआती तेजी भले ठंडी पड़ गई हो, लेकिन मजबूत कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही। यही वजह रही कि बाजार ने सुबह की कमजोरी से उबरकर मजबूती दिखाई।

कच्चे तेल में नरमी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट भी राहत लेकर आई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और अमेरिका के बीच जिनेवा में संभावित वार्ता का संकेत दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी बातचीत के जरिए समाधान की उम्मीद जताई है। इसके अलावा यूक्रेन और रूस के बीच भी जिनेवा में शांति वार्ता की खबरों से जियोपॉलिटिकल तनाव कम हुआ है। तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है।

इंडिया विक्स में गिरावट
बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडिया VIX 3 फीसदी से ज्यादा गिरकर 12.28 पर आ गया। कम होती अस्थिरता ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और खरीदारी को समर्थन मिला। फिलहाल बाजार ने साफ संकेत दिया है कि गिरावट में खरीदारी की रणनीति काम कर रही है, लेकिन निवेशकों को सतर्क और चयनात्मक बने रहने की जरूरत है।
(प्रियंका कुमारी)