PPF खाते पर 3 से 6 साल के बीच ही लोन लेने की सुविधा मिलती है। अधिकतम 25% तक लोन मिलता है, वो भी दो साल पुराने बैलेंस पर आधारित। कम ब्याज दर के कारण यह पर्सनल लोन से सस्ता विकल्प माना जाता है।

PPF Loan tips: अक्सर लोग पब्लिक प्रोविडेंट फंड को लंबे समय की बचत मानते हैं और जरूरत पड़ने पर इसे छूने से बचते हैं। ऐसे में अचानक पैसों की जरूरत हो तो लोग या तो महंगे पर्सनल लोन की ओर जाते हैं या आंशिक निकासी का विकल्प देखते हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि पीपीएफ पर लोन भी लिया जा सकता है, जो एक आसान और सस्ता विकल्प हो सकता है।

दरअसल, पीपीएफ पर लोन लेने का मतलब है कि आप अपनी ही जमा राशि के आधार पर उधार ले रहे हैं, जबकि आपका निवेश जारी रहता है और उस पर ब्याज मिलता रहता है। यह सुविधा सीमित समय के लिए होती है, इसलिए इसकी टाइमिंग समझना जरूरी है।

कब मिलती है लोन की सुविधा?
पीपीएफ खाते पर लोन लेने का विकल्प खाता खोलने के तीसरे वित्तीय वर्ष से लेकर छठे वित्तीय वर्ष तक ही उपलब्ध होता है। इसके बाद यह सुविधा खत्म हो जाती है और आंशिक निकासी के नियम लागू हो जाते हैं। यानी अगर आपने इस अवधि को मिस कर दिया, तो फिर लोन का विकल्प नहीं मिलेगा।

कितना लोन मिल सकता है?
लोन की सीमा भी तय होती है। आप अपने पीपीएफ खाते की राशि का अधिकतम 25% तक ही उधार ले सकते हैं। खास बात यह है कि यह रकम आपके मौजूदा बैलेंस पर नहीं, बल्कि दो साल पहले के बैलेंस के आधार पर तय होती है। इसलिए कई बार यह राशि अपेक्षा से कम लग सकती है।

ब्याज दर क्यों है खास?
पीपीएफ लोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी कम ब्याज दर है। यह आमतौर पर PPF की मौजूदा ब्याज दर से सिर्फ 1% ज्यादा होती है। ऐसे में यह पर्सनल लोन या क्रेडिट कार्ड के मुकाबले काफी सस्ता विकल्प बन जाता है। हालांकि, जिस हिस्से पर आपने लोन लिया है, उस पर उसी तरह से फायदा नहीं मिलता, जब तक आप उसे वापस नहीं कर देते।

चुकाने का नियम क्या है?
लोन चुकाने के लिए आपको अधिकतम 3 साल का समय मिलता है। आप इसे किस्तों में या एक साथ चुका सकते हैं। आमतौर पर पहले मूलधन और बाद में ब्याज चुकाया जाता है। लेकिन अगर तय समय से देरी होती है, तो ब्याज दर बढ़ जाती है, जिससे यह सस्ता विकल्प महंगा हो सकता है।

कब लेना चाहिए PPF लोन?
विशेषज्ञों के मुताबिक, पीपीएफ लोन को एक बैकअप विकल्प की तरह इस्तेमाल करना चाहिए। यह छोटे और शॉर्ट-टर्म खर्चों के लिए बेहतर है, जहां आपको कम समय के लिए थोड़ी राशि चाहिए और आप अपनी लंबी अवधि की बचत को तोड़ना नहीं चाहते।

पीपीएफ पर लोन एक संतुलित विकल्प है, जिसमें आप अपनी बचत को बरकरार रखते हुए जरूरत के समय पैसा जुटा सकते हैं। लेकिन इसका सही उपयोग करना जरूरी है, वरना यह भी एक सामान्य कर्ज की तरह बोझ बन सकता है।

(प्रियंका कुमारी)