AI Impact on IT Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के डर से भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों में चौथे दिन भी गिरावट जारी रही। निफ्टी IT इंडेक्स चार सत्रों में 9% से ज्यादा टूट गया है।

AI Impact on IT Stocks: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बढ़ती चिंता ने सोमवार को भारतीय IT शेयरों की धड़कनें फिर बढ़ा दीं। 16 फरवरी को कारोबार के दौरान आईटी कंपनियों के शेयरों में 2% तक की गिरावट दिखी और यह लगातार चौथा दिन रहा जब सेक्टर दबाव में रहा।

निफ्टी आईटी इंडेक्स सुबह के कारोबार में करीब 1% टूटकर 32360.35 पर आ गया। पिछले चार सत्रों में यह इंडेक्स 9% से ज्यादा गिर चुका। साल 2025 में करीब 13% गिरने के बाद 2026 में अब तक इसमें लगभग 15% की कमजोरी आ चुकी।

हेवीवेट इंफोसिस के शेयर 2% से ज्यादा टूटकर 1341 रुपये के आसपास आ गए। पिछले पांच दिनों में यह 10% से ज्यादा और एक महीने में 20% से अधिक गिर चुका है। टेक महिंद्रा में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट रही जबकि विप्रो और LTIMindtree भी करीब 1 फीसदी नीचे रहे। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेस, एचसीएल टेक्नोलॉजीज लाल निशान में दिखे। हालांकि कोफोर्ज और पर्सिसटेंट सिस्टम्स में हल्की बढ़त देखी गई।

गिरावट की वजह क्या?
इस महीने की शुरुआत से ही सेक्टर में कमजोरी दिख रही है। वजह है एआई से बढ़ती प्रतिस्पर्धा का डर। हाल ही में एंथ्रोपिक ने अपने क्लॉड चैटबॉट के लिए लीगल एआई टूल लॉन्च किया,जिससे सॉफ्टवेयर कंपनियों पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही। 

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्लोबल टेक सेक्टर की कमजोरी, रुपये में गिरावट और FPI आउटफ्लो ने भी सेंटीमेंट खराब किया है। उधर, अमेरिका में जनवरी में जॉब ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रही और बेरोजगारी दर 4.3% पर आ गई। इससे संकेत मिलते हैं कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरें कुछ समय स्थिर रख सकता है। हालांकि रोजगार वृद्धि मुख्य रूप से हेल्थ सेक्टर में केंद्रित रही।

आगे क्या? डर या मौका?
MULTYFI के सीओओ दर्शन राठौड़ मानते हैं कि बाजार की प्रतिक्रिया भावनात्मक ज्यादा है,तार्किक कम। उनके मुताबिक एआई एक प्रोडक्टिविटी टूल है, जो इंजीनियरों का काम तेज और बेहतर बना सकता है। बड़े और जटिल सिस्टम में मानव जिम्मेदारी की जरूरत खत्म नहीं होगी। यह फंडामेंटल कमजोरी नहीं, बल्कि सेंटीमेंट करेक्शन है। जिन IT कंपनियों की एआई रणनीति साफ है और जिनके पास मजबूत डील पाइपलाइन है, वे वापसी कर सकती हैं। फिलहाल साफ है कि IT सेक्टर ट्रांजिशन फेज में है- डर और मौके, दोनों साथ चल रहे हैं।

(प्रियंका कुमारी)