Closing bell: शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली और निवेशकों के चेहरे खिल उठे। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी-50 दोनों ही सूचकांक मजबूत वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई बड़ी गिरावट के दम पर ऊंची छलांग लगाने में सफल रहे।
सुबह करीब 11 बजे सेंसेक्स 2919.04 अंक यानी 3.91% की तेजी के साथ 77535.62 पर पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 868.60 अंक या 3.76% उछलकर 23992.25 के स्तर पर कारोबार करता दिखा, जो 24000 के मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब था। हालांकि, इसके बाद गिरावट आई लेकिन अच्छी बात ये रही कि निफ्टी ने 24 हजार के स्तर से ऊपर क्लोजिंग दी। ये लगातार पांचवां दिन रहा, जब बाजार हरे निशान पर बंद हुआ।
बाजार की चौड़ाई भी पूरी तरह सकारात्मक रही- करीब 3473 शेयरों में तेजी रही जबकि सिर्फ 320 शेयरों में गिरावट दर्ज हुई।
अमेरिका-ईरान सीजफायर से बाजार में रौनक
इस जोरदार तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा रही। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे विश्व शांति के लिए बड़ा दिन बताया। इस फैसले के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड करीब 13.24% टूटकर 94.80 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे वैश्विक बाजारों में राहत का माहौल बना।
कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
तेल की कीमतों में गिरावट भारत के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम होता है। इसी का असर रुपये पर भी दिखा, जो 50 पैसे मजबूत होकर 92.56 प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
आरबीआई के निर्णय से भी बाजार को मिला बल
घरेलू मोर्चे पर भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले ने भी बाजार को मजबूती दी। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रखने का फैसला किया और रुख न्यूट्रल रखा। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि खुदरा महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है और फरवरी में सीपीआई 3.21% तक आ गई, जो लक्ष्य 4% के करीब है।
16 में से 14 सेक्टर हरे निशान में
सेक्टोरल स्तर पर देखें तो 16 में से 14 सेक्टर हरे निशान में रहे। हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर थोड़ा दबाव में दिखे। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में करीब 5% की तेजी आई, जबकि ऑटो और रियल्टी सेक्टर में क्रमश: 5% और 6% की बढ़त दर्ज की गई। स्मॉलकैप और मिडकैप इंडेक्स भी 3.5% तक चढ़े।
कंपनियों की बात करें तो लार्सन एंड टूब्रो के शेयर 7 फीसदी उछले जबकि इंटरग्लोब एविएशन में 10 फीसदी तेजी आई और यह अपर सर्किट तक पहुंच गया, जिसके चलते कुछ समय के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी।
वैश्विक बाजारों में भी लौटी चमक
वैश्विक बाजारों से भी मजबूत संकेत मिले। एशियाई बाजार- कोस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और हैंग सेंग, सभी में तेजी देखी गई। वहीं वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स भी 3% से ज्यादा चढ़े। इसके अलावा, बाजार में वैल्यू बाइंग देखने को मिली, जिससे निवेशकों ने गिरावट के बाद सस्ते शेयरों में खरीदारी की।
वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स करीब 5% गिरकर 19.85 पर आ गया, जो बाजार में घटती अनिश्चितता का संकेत है। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ। इससे पहले मंगलवार को भी बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ था। सेंसेक्स 509.73 अंक चढ़कर 74616.58 पर और निफ्टी 155.40 अंक बढ़कर 23123.65 पर बंद हुआ था।
कुल मिलाकर, वैश्विक तनाव में कमी, कच्चे तेल में गिरावट, रिजर्व बैंक का स्थिर रुख और मजबूत वैश्विक संकेत, इन सभी फैक्टर्स ने मिलकर बाजार में जबरदस्त तेजी का माहौल बना दिया।
निफ्टी का आगे रुख क्या रहेगा?
मार्केट की मौजूदा तेजी को लेकर एक्सपर्ट्स ने भी अहम संकेत दिए। उनका कहना है कि जिस 24400 के टारगेट के साथ इस हफ्ते की शुरुआत हुई थी, अब बाजार उससे बस एक छलांग दूर है। पिछले सत्र में निफ्टी में आई गिरावट 22790 के पिवट और 22640 के सपोर्ट के बीच सीमित रही, जिससे बाजार को अंत में तेज उछाल लेने का मौका मिला। यही वजह रही कि बाजार ने दिन के आखिर में मजबूत रिकवरी दिखाई।
बाजार अब गैप-अप ओपनिंग के लिए तैयार दिख रहा लेकिन शुरुआती बढ़त 23950 के आसपास सीमित रह सकती। इसके बाद अगला अपसाइड मूव तभी जारी रहेगा, जब गिरावट 23465 के स्तर से नीचे नहीं जाती। आसान शब्दों में समझें तो बाजार का ट्रेंड फिलहाल पॉजिटिव है, लेकिन बीच-बीच में हल्की गिरावट आ सकती। अगर ये गिरावट सीमित रहती है, तो निफ्टी आगे 24400 के लक्ष्य की ओर बढ़ सकता है।
(प्रियंका कुमारी)