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बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाओं में कर्मचारियों के कंधों पर महत्वपूर्ण जिम्मदारी होती है। ऐसे में कैंडिडेट की भर्ती के वक्त उसकी क्रेडिट हिस्ट्री और लेनदेन की आदतों को बारीकी से परखना जरूरी है। 

Good Credit Score help in Job: अगर आप किसी सरकारी या प्राइवेट बैंक में नौकरी के लिए आवेदन करने वाले हैं तो पहले अपना क्रेडिट या सिविल स्कोर जरूर जांच लें। क्योंकि अब देश की अधिकांश बैंक और वित्तीय संस्थाएं कैंडिडेट्स को हायर करने से पहले उनके स्कोर की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। इसके पीछे नियुक्तिकर्ताओं का तर्क है कि बैंकों में क्लर्क और प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) के कंधों पर अहम वित्तीय जिम्मेदारियां होती हैं। इसलिए उन्हें ग्राहकों के क्रेडिट स्कोर को बारीकी से जांचना पड़ता है। ऐसे में उनका खुद का भी सिविल स्कोर सामान्य से अधिक होना चाहिए।

IBPS भी लागू कर चुकी है मिनिमम क्रेडिट स्कोर
इस मुद्दे पर टीमलीज डिग्री अपरेंटिसशिप के वाइस प्रेसिडेंट, धृति प्रसन्न महंता कहते हैं कि बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान (IBPS) ने बैंकों में क्लर्क और प्रोबेशनरी ऑफिसर पदों के लिए उम्मीदवारों के न्यूनतम क्रेडिट स्कोर 650 को लागू किया है। स्थानीय बैंकों के अलावा कुछ मल्टीनेशनल कंपनियां जैसे- सिटी बैंक, डॉयचे बैंक, टी-सिस्टम्स आवेदक की बैकग्राउंड हिस्टी चेक करने के दौरान क्रेडिट हिस्ट्री भी देखती हैं। बता दें कि 2022 में वडोदरा में एक 26 वर्षीय कॉमर्स ग्रेजुएट ने प्रोबेशनरी ऑफिसर की नौकरी के लिए नामी सरकारी बैंक में आवेदन किया था। लेकिन उसका आवेदन खराब क्रेडिट स्कोर के कारण निरस्त कर दिया गया। उसने अपने कुछ क्रेडिट कार्ड्स के भुगतान में देरी की थी और इस वजह से उसकी क्रेडिट हिस्ट्री खराब हो गई थी। 

क्यों जरूरी है बेहतर क्रेडिट स्कोर?
- एक अच्छा क्रेडिट स्कोर विश्वासनीयता और भरोसेमंदी की निशानी के रूप में देखा जाता है। आजकल, बैंक भर्ती विज्ञापनों में अच्छे क्रेडिट स्कोर के महत्व को हाइलाइट कर रहे हैं। मार्च 2022 में, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने प्रोबेशनरी ऑफिसर के लिए विज्ञापन जारी किया था। इसके मुताबिक, ऐसे कैंडिडेट जिन्होंने बैंकों/एनबीएफसी से लिए किसी लोन को समय पर नहीं चुकाया और वह नियुक्ति पत्र जारी होने तक लोन क्लिकर नहीं करते हैं तो उन्हें अयोग्य माना जाएगा। 
- अगर भुगतान कर दिया है और क्रेडिट रिपोर्ट अपडेट नहीं हुई है तो उन्हें सुनिश्चित करना होगा कि वो या तो रिपोर्ट को अपडेट कराएं या लैंडर से एनओसी लेकर जमा कराएं। ऐसा नहीं करने पर नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया जाएगा।   

क्या आवेदकों की क्रेडिट प्रोफाइल जांचना सही है?
एक डिजिटल लैंडिंग प्लेटफार्म में एचआर हेड मोनिका मिश्रा कहती हैं कि नौकरी देने वाले बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान उम्मीदवार के क्रेडिट स्कोर से ज्यादा क्रेडिट हिस्ट्री जानने में रुचि रखते हैं। इसका मुख्य कारण है कि व्यक्ति के क्रेडिट इतिहास से उसके व्यक्तिगत जीवन के बारे में बहुत कुछ पता चलता है। खासतौर से वित्तीय जिम्मेदारी के बारे में और इसे क्रेडिट ब्यूरो इसे जांचने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम है।

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