EPFO Claims: निष्क्रिय पीएफ खातों में फंसे करोड़ों रुपये अब जल्द ही सीधे लोगों के बैंक खातों में पहुंच सकते। ईपीएफओ एक नई ऑटो-सेटलमेंट व्यवस्था लाने की तैयारी में है, जिसके तहत बिना किसी क्लेम के पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था का मकसद प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है। अभी तक पीएफ का पैसा निकालने के लिए यूजर्स को क्लेम फाइल करना पड़ता था, लेकिन इस सिस्टम के लागू होने के बाद यह जरूरत खत्म हो सकती। ईपीएफओ पहले चरण में आधार से वेरिफाइड करीब 25% निष्क्रिय खातों को प्रोसेस करेगा।
8 लाख पीएफ खाताधारकों को होगा फायदा
बताया जा रहा है कि इस चरण में करीब 8 लाख यूजर्स को फायदा मिलेगा और कुल 5200 करोड़ रुपये का सेटलमेंट किया जा सकता। यह उन लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है, जिनका पैसा लंबे समय से पीएफ खातों में पड़ा हुआ।
14 हजार खातों में 5 लाख की रुपये से ज्यादा की रकम फंसी
अगर इन निष्क्रिय खातों के आंकड़ों को देखें तो इसमें बड़ी रकम फंसी हुई। करीब 14000 खातों में 5 लाख रुपये से ज्यादा की राशि पड़ी है। वहीं 38000 खातों में 1 लाख से 5 लाख रुपये के बीच बैलेंस है जबकि 41000 खातों में 50000 से 1 लाख रुपये तक जमा है। इससे साफ है कि अलग-अलग कैटेगरी में बड़ी रकम बिना उपयोग के पड़ी हुई है।
छोटे खातों को लेकर पहले ही ईपीएफओ फैसला कर चुका
छोटे खातों को लेकर ईपीएफओ पहले ही कदम उठा चुका। सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने 1000 रुपये तक के बैलेंस वाले खातों के लिए ऑटो-सेटलमेंट को मंजूरी दे दी है। ऐसे खातों का पैसा अब बिना किसी मैन्युअल प्रक्रिया के सीधे बैंक खातों में भेजा जा सकता है। हालांकि बड़ी रकम वाले खातों के लिए पूरी तरह से यह सिस्टम कब लागू होगा, इस पर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
निष्क्रिय पीएफ खाता होता क्या है?
दरअसल, जब किसी खाते में लंबे समय तक कोई योगदान नहीं होता और वह ब्याज कमाना बंद कर देता है, तो उसे निष्क्रिय माना जाता। आमतौर पर 55 साल की उम्र के बाद अगर तीन साल तक कोई योगदान नहीं होता, तो खाता इनएक्टिव हो जाता है। हालांकि 55 साल से कम उम्र के लोगों के लिए ब्याज 58 साल तक मिलता रहता है।
फरवरी 2026 तक EPFO के पास करीब 31 लाख निष्क्रिय खाते थे, जिनमें कुल 10181 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें से लगभग 7 लाख खाते 20 साल से ज्यादा पुराने हैं, जबकि 18 लाख खाते 10 से 20 साल के बीच के हैं। अगर यह नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होती है, तो यूजर्स के लिए अपने पैसे तक पहुंच आसान हो जाएगी। साथ ही कागजी प्रक्रिया कम होगी और पैसा जल्दी मिल सकेगा। कुल मिलाकर यह कदम लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आ सकता है।
(प्रियंका कुमारी)