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अब इंसान चूहों के दिमाग को कर सकेंगे कंट्रोल, नई टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग शुरू, इस काम के लिए होगा इस्तेमाल

पूरे विश्व में तकनीक का सबसे तेजी से विकास हो रहा है, इसके साथ ही वैज्ञानिक भी नई-नई टेक्नोलॉजी ईजाद कर रहे हैं। इस कड़ी में चीन के वैज्ञानिकों की टीम ने इंसानी दिमाग से चूहे के दिमाग को नियंतत्रित करने की तकनीक को बनाया है।

अब इंसान चूहों के दिमाग को कर सकेंगे कंट्रोल, नई टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग शुरू, इस काम के लिए होगा इस्तेमाल
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पूरे विश्व में तकनीक का सबसे तेजी से विकास हो रहा है, इसके साथ ही वैज्ञानिक भी नई-नई टेक्नोलॉजी ईजाद कर रहे हैं। इस कड़ी में चीन के वैज्ञानिकों की टीम ने इंसानी दिमाग से चूहे के दिमाग को नियंतत्रित करने की तकनीक को बनाया है।

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इस तकनीक के लिए चीन के वैज्ञानिकों ने वायरलैस ब्रेन-टू-ब्रेन सिस्टम ईजाद किया है, जिसकी मदद से इंसान साइबॉर्ग चूहे यानी मशीन लगे चूहे को कंट्रोल कर सकेंगे। इस तकनीक को खास तौर पर भूकंप के बाद ढहे हुए मकानों में राहत के कार्य के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

चीन के वैज्ञानिक ब्रेन-टू-ब्रेन इंटरफेस यानी बीबीआई तकनीक का उपयोग करके चूहे को कंट्रोल कर सकेंगे। इस तकनीक में इंसानी दिमाग को कम्पयूटर से जोड़ा जाता है और फिर उपयोग किया जाता है।

सिग्नल के जरिए कंट्रोल होंगे चूहे

चीन के वैज्ञानिकों ने चूहे को कंट्रोल करने के लिए, चूहे के शरीर में इलेक्ट्रोड लगाया है। यह इलेक्ट्रोड वायलेस की मदद से चूहे के दिमाग से जुड़ जाएंगे। सबसे पहले चूहे को मेज पर चलाया गया है, जो कि एकदम भूल भुलैया की तरह था।

फिर दूसरी तरफ एक इंसान को बैठाया गया, जिसमें इलेक्ट्रो एन्फैलोग्राम सेट लगाया था। इस तकनीक की मदद से इंसान चूहे को पूरी तरह कंट्रोल कर पा रहा था। साथ ही ईईजी कम्प्यूटर भी जोड़ा गया था।

यह कम्प्यूटर पहले सबसे पहले इंसान के दिमाग से निकलने वाले सिग्नल को डिकोड करके चूहे के दिमाग में भेजता है और इसकी मदद से चूहे को कंट्रोल किया जाता है।

छह चूहों को चलाया गया सीधा

चीन की वैज्ञानिकों ने बताया है कि चूहों को दाएं और बाएं मोड़ने के लिए दिमाग की तरंगो का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन चूहों को सीधा चलाने के लिए इंसान को पलके झपकानी पड़ी थी।

इस पूरी प्रक्रिया में वैज्ञानिकों को सिर्फ 3 मिनट का समय लगा है। वैज्ञानिकों ने आसानी से चूहों को सीधा चलाया था, लेकिन उन्हें दाएं और बाएं मोड़ने में दिक्कत आ रही थी। इस टेस्ट को 10 बार किया गया, जिसमें 6 चूहे सीधा चल सके थे।

बता दें कि ब्रेन-टू-ब्रेन इंटरफेस यानी बीबीआई तकनीक की मदद से चूहों को कंट्रोल किया जा सकता है और यह तकनीक भूकंप के बाद राहत के कार्य में काम आ सकती है।

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साथ ही रिसर्चर्स ने सलाह दी है कि चूहों पर छोटे वॉकी-टॉकी समेत छोटे कैमरे लगाए जाने चाहिए, जिससे ढही हुई इमारतों में इंसानों को खोजना आसान हो जाएगा।

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